अँकर . . वर्धा जिल्हे के अल्लीपूर मे माँ को ही धरती का साक्षात देवता मानकर उसके ऋण से उऋण होने का एक अद्भुत और प्रेरणादायी दृश्य अल्लीपूर में देखने को मिला। यहाँ के निवासी शिवदास महाराज वडनेरकर ने अपनी 107 वर्षीय माताजी का मोतीचूर के लाडुओं से तुलादान कर एक नया आदर्श स्थापित किया है। तुला के बाद सभी लाडू दान कर दिए गए। इस भावुक और अभूतपूर्व सोहळे की पूरे परिसर में जोरदार चर्चा हो रही है।11 ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजा
इस धार्मिक और पारिवारिक कार्यक्रम से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया था। कार्यक्रम के शुभ अवसर पर 11 विद्वान ब्राह्मणों की उपस्थिति में विशेष रुद्राभिषेक किया गया। ब्राह्मणों ने सस्वर रुद्राध्याय का पाठ कर सभी धार्मिक विधियों को संपन्न किया।
इसके बाद मंत्रोच्चार और जयघोष के बीच 107 वर्षीय माता जी को तराजू के एक पलड़े में बैठाया गया और दूसरे पलड़े में मोतीचूर के लाडू रखकर उनका तुलादान किया गया। तुलादान के पश्चात वे सभी लाडू उपस्थित लोगों और जरूरतमंद भाविकों में प्रसाद के रूप में बांट दिए गए।
वडनेरकर परिवार की एकजुट उपस्थिति
अपनी दादी और माँ के इस गौरव समारोह में शिवदास महाराज वडनेरकर के साथ उनकी धर्मपत्नी और उनके दोनों बेटे – भूषण वडनेरकर और मयूर वडनेरकर भी पूरे भक्ति भाव से शामिल हुए। माँ के प्रति कृतज्ञता और सम्मान की भावना को प्रत्यक्ष कार्य में उतारकर वडनेरकर परिवार ने समाज के सामने एक आदर्श उदाहरण पेश किया है।
परिसर में कौतुक और भावुकता का माहौल
आज के भागदौड़ भरे और एकाकी होते जा रहे युग में 107 साल की वृद्ध माता की इस तरह सेवा और सम्मान करना पूरे प्रभाग के लिए आनंद और गर्व की बात बन गई है। इस अनोखे तुलादान समारोह को देखकर कई उपस्थित लोगों की आँखें नम हो गईं। हर तरफ से शिवदास महाराज वडनेरकर और उनके परिवार की सराहना हो रही है।
वर्धा ते सतीश काळे की रिपोर्ट
