दमोह में 10-11 जनवरी को होगा बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल कार्यशाला में स्थानीय कलाकार सीख रहे हुनर
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बुन्देलखण्ड की कला, लोक संस्कृति, भाषा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में “बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम” का आयोजन 10 और 11 जनवरी को दमोह में किया जा रहा है, जिसका मार्गदर्शन मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, संयोजक सतेंद्र सिंह और फेडरेशन अध्यक्ष डॉ. अखिलेश निगम की अध्यक्षता में इस भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
बुन्देलखण्ड फिल्म फेडरेशन एवं मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस फेस्टिवल की तैयारियों के तहत बुधवार को एक निजी पैलेस में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें फिल्म फेडरेशन के सदस्यों के साथ मुंबई से इश्तियाक खान तथा झांसी से आरिफ शहडोली शामिल हुए। दोनों कलाकार मूलतः बुन्देलखण्ड से हैं और फिल्मों व धारावाहिकों में कार्य कर चुके हैं।
कार्यशाला में प्रस्तुत रूपरेखा के माध्यम से बताया गया कि यह फेस्टिवल बुन्देलखण्ड के स्थानीय कलाकारों, फिल्मकारों और तकनीशियनों को एक बड़ा मंच प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र में फिल्म शूटिंग और फिल्म निर्माण की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
कलाकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को रंगमंच, संगीत, स्क्रीनिंग, अभिनय, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट तथा कैमरे के सामने प्रस्तुति जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अभिनेता स्वयं को कैसे तैयार करें, एकाग्रता कैसे विकसित करें और अपने ऑब्जरवेशन को कैसे बेहतर बनाएं,इन सभी पहलुओं पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
इस दौरान प्रतिभागियों को स्मरण शक्ति बढ़ाने के अभ्यास, समूह में कार्य करने की तकनीकें और रंगमंचीय व्यायाम भी करवाए गए। वक्ताओं ने कहा कि कलाकार के जीवन में एकाग्रता अभिन्न अंग है, जिसके माध्यम से वह स्वयं का निरंतर विकास कर सकता है।
आयोजकों ने बताया कि यह फेस्टिवल न केवल बुन्देलखण्ड की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर भी सृजित करेगा।
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