बीरगंज/रक्सौल, 14 जून। विश्व रक्तदाता दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा मानवता और समाज सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए महावाणिज्य दूतावास परिसर में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नेपाल-भारत मैत्री संघ (NIFA), परसा, नेपाल इनोवेटिव सोसाइटी, बीरगंज, नेपाल रेड क्रॉस सोसाइटी, बीरगंज तथा नेपाल यंग एंटरप्रेन्योर्स फोरम, बीरगंज के संयुक्त सहयोग से किया गया।
शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्वेच्छा से रक्तदान किया। रक्तदाताओं के उत्साह और सामाजिक सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष रूप से सफल और सार्थक बनाया।
इस अवसर पर भारतीय महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज के महावाणिज्य दूत श्री देवी सहाय मीना ने सभी रक्तदाताओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रक्तदान को मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम बताते हुए कहा कि, “रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद को नया जीवन देता है, बल्कि यह समाज के प्रति समर्पण और निःस्वार्थ सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।”
उन्होंने रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय महावाणिज्य दूतावास भविष्य में भी समाज कल्याण एवं मानवता की सेवा के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
यह आयोजन भारत और नेपाल के बीच सामाजिक एवं मानवीय सहयोग की मजबूत परंपरा को भी दर्शाता है। दोनों देशों के नागरिकों और संस्थाओं की सहभागिता ने भारत-नेपाल मैत्री को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित लायंस क्लब ऑफ रक्सौल के अध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी एवं भारत विकास परिषद्, रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी तथा प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारतीय महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज के साथ मिलकर विभिन्न सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने रक्तदान को “महादान” बताते हुए युवाओं से अधिकाधिक संख्या में ऐसे अभियानों से जुड़ने की अपील की। उनके इस वक्तव्य से भविष्य में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सामाजिक सहयोग और जनसेवा की नई संभावनाओं के संकेत मिले हैं।
विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित यह रक्तदान शिविर न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होगा, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
