रक्सौल/बीरगंज | चाणक्य न्यूज़ इंडिया | रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर श्यामल प्रतीक
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में लगभग तीन माह से लापता 15 वर्षीय किशोरी अंकिता कुमारी का नेपाल से सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया। यह सफलता नेपाल पुलिस, सामाजिक संस्था KIN नेपाल, स्वच्छ रक्सौल तथा दोनों देशों के सामाजिक कार्यकर्ताओं और संबंधित एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से संभव हो सकी। इस पूरे अभियान में स्वच्छ रक्सौल के संस्थापक रणजीत सिंह की सक्रिय भूमिका को विशेष रूप से सराहा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, अंकिता कुमारी 02 अप्रैल 2026 को बिहार के केसरिया क्षेत्र से लापता हो गई थी। पीड़िता के प्रारंभिक बयान के अनुसार, उसे बहला-फुसलाकर नेपाल के जनकपुर ले जाया गया, जहां कथित रूप से उसे नशीला पेय पदार्थ पिलाया जाता था। इसके बाद उसे नेपाल के विभिन्न स्थानों पर रखने के उपरांत बीरगंज के रानीघाट (रामगढ़वा क्षेत्र) में रखा गया।
परिजनों के अनुसार, बच्ची के लापता होने के बाद वे लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे। इसी दौरान उन्होंने स्वच्छ रक्सौल के संस्थापक रणजीत सिंह से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रणजीत सिंह ने स्वयं पहल करते हुए पीड़िता के परिजनों को नेपाल लेकर गए, नेपाल पुलिस के समक्ष आवेदन दिलवाया तथा सामाजिक संस्था KIN नेपाल और संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कराया। उन्होंने पूरे मामले की लगातार निगरानी की, परिजनों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा और नेपाल में स्वयं उपस्थित रहकर रेस्क्यू अभियान को अंतिम सफलता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रणजीत सिंह के प्रयासों के बाद नेपाल पुलिस, KIN नेपाल और अन्य संबंधित एजेंसियों ने संयुक्त रूप से खोज अभियान तेज किया। लगातार सूचना संकलन, समन्वय और कार्रवाई के बाद लगभग तीन माह पश्चात किशोरी को नेपाल के बीरगंज क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर संरक्षण में लिया गया।
परिजनों ने इस मामले में चंदन कुमार, वेद प्रकाश, रागिनी, आस कुमार, दीपक तथा दीपक की पत्नी (सभी निवासी केसरिया) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की जांच नेपाल और भारत की संबंधित पुलिस एवं सक्षम एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दोषियों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
यह घटना भारत-नेपाल सीमा पर संभावित मानव तस्करी और नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही यह भी दर्शाती है कि जब पुलिस, सामाजिक संस्थाएं और समाजसेवी मिलकर समन्वित रूप से कार्य करते हैं, तो कठिन से कठिन मामलों में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
पीड़िता के परिजनों ने नेपाल पुलिस, KIN नेपाल, स्वच्छ रक्सौल के संस्थापक रणजीत सिंह, रेस्क्यू अभियान में सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है।
