रक्सौल अनुमंडल संवाददाता: श्यामल प्रतिक
आदापुर (पूर्वी चंपारण): खरीफ फसल की बुवाई के दौरान उर्वरकों की बढ़ती मांग के बीच आदापुर प्रखंड में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में कृषि विभाग एवं प्रखंड प्रशासन की संयुक्त टीम ने गम्हरिया कला पंचायत सहित विभिन्न उर्वरक दुकानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध खाद के स्टॉक, बिक्री पंजी, सरकारी दर सूची एवं अन्य अभिलेखों की गहन जांच की गई। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी निर्भय कुमार मिश्रा एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी विनय कुमार ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों को खाद केवल सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही उपलब्ध कराई जाए।
अधिकारियों ने बताया कि 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी ₹266.50 तथा 50 किलोग्राम डीएपी लगभग ₹1350 की निर्धारित कीमत पर उपलब्ध होगी। एमओपी एवं अन्य उर्वरक भी तय एमआरपी पर ही बेचे जाएंगे। किसी भी प्रकार की अधिक कीमत वसूली, कालाबाजारी अथवा कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने खरीफ सीजन में अधिक से अधिक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने के लिए फिलहाल प्रत्येक विक्रेता को प्रतिदिन सीमित मात्रा में खाद वितरण करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में आदापुर प्रखंड में लगभग 5,000 बोरी उर्वरक उपलब्ध है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एमओपी एवं मिश्रित उर्वरक शामिल हैं।
साथ ही बताया गया कि 2 जुलाई को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित होगी, जिसमें जिले में खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है, खाद देने से मना करता है या कालाबाजारी करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
