प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि विकसित भारत के लिए जिस तरह की गवर्नेंस चाहिए उसका माध्यम UPSC है।
इसमें भर्ती होने वाले युवाओं की 2 कसौटी होनी चाहिए।
पहली नेशन फर्स्ट और दूसरी सिटिजंस फर्स्ट।
पीएम मोदी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 100 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में भारत मंडपम पहुंचे। उन्होंने आयोग से जुड़े 100 ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित किताब का लोकार्पण किया। साथ ही शताब्दी स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट भी जारी की।
मोदी ने फ्लाई दुबई फ्लाइट को क्रैश से बचाने वाले पायलट स्मित मच्छर का जिक्र कर कहा कि भारतीय पायलट ने 9/11 होने से बचा लिया। मोदी ने कहा- आज मेरी उनके माता-पिता से बात हुई। आज पूरी दुनिया उन पर गर्व कर रही है।

UPSC हर साल इंजीनियरिंग, मेडिकल, डिफेंस समेत करीब 250 भर्ती परीक्षाएं कराता है। संस्था के पहले अध्यक्ष सर रॉस बार्कर (1926-32) थे। 100 के इतिहास में इसका नाम दो बार बदल चुका है।
UPSC परीक्षा प्रक्रिया के बारे में जानें…
UPSC एक संवैधानिक संस्था है, जिसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 315 में है। परीक्षा में प्रश्न कई विशेषज्ञों की मदद से तैयार किए जाते हैं।
उत्तर पुस्तिकाओं में कोडिंग की व्यवस्था होती है, जिससे जांच के दौरान परीक्षक को उम्मीदवार का नाम और रोल नंबर पता नहीं चलता। इंटरव्यू में भी उम्मीदवार की व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखी जाती है।
2025 में UPSC के कराए एग्जाम्स में 10 से 12 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। इनमें 9 लाख से ज्यादा ने सिविल सर्विस परीक्षा का फॉर्म भरा था।
