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चाणक्य न्यूज़ इंडिया | विशेष रिपोर्ट रिपोर्ट: श्यामल प्रतीक एंकर इंट्रो एंकर: “सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पूर्वी चंपारण के आदापुर प्रखंड का एक सरकारी विद्यालय इन दावों की हकीकत बयां कर रहा है। यहां बच्चों की पढ़ाई जर्जर भवन में हो रही है, छत से पानी टपक रहा है, उसी कमरे में मिड-डे मील बनता है और खेल मैदान नहीं होने से बच्चे स्कूल से बाहर खेलने को मजबूर हैं। देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट

ByAshok Mishra

Jul 19, 2026

पैकेज (VO-1)

वीओ:
ये तस्वीरें हैं पूर्वी चंपारण के आदापुर प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, औरैया की… जहां शिक्षा से पहले बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन चुकी है।

बरसात के मौसम में विद्यालय की छत से लगातार पानी टपकता है। दीवारें जर्जर हैं और पूरा भवन किसी बड़े हादसे का इंतजार करता नजर आता है। ऐसे भवन में मासूम बच्चों की पढ़ाई कराना जोखिम से खाली नहीं है।

VO-2

वीओ:
हैरानी की बात यह है कि जिस कमरे में बच्चे पढ़ाई करते हैं, उसी कमरे में मध्याह्न भोजन भी तैयार किया जाता है। यदि खाना बनाते समय कोई दुर्घटना हो जाए या गैस सिलेंडर में विस्फोट जैसी घटना हो जाए, तो बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? यह सवाल अब पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।

VO-3

वीओ:
विद्यालय में खेल मैदान नहीं है। ऐसे में बच्चे खेलने के लिए विद्यालय परिसर से बाहर चले जाते हैं। बाउंड्री पर्याप्त ऊंची नहीं होने के कारण अभिभावकों को हर समय किसी अनहोनी की चिंता सताती रहती है।

शौचालय तक जाने का रास्ता भी सुरक्षित नहीं है। जलजमाव और झाड़ियों के बीच होकर बच्चों को गुजरना पड़ता है, जहां सांप, बिच्छू या अन्य जहरीले जीवों का खतरा हमेशा बना रहता है।

बाइट – प्रधानाध्यापक प्रभात चंद्र विद्यासागर

ऑन कैमरा:
“कई बार हमने विभाग को लिखित शिकायत दी है। गांव के लोगों ने भी शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।”

VO-4

वीओ:
विद्यालय में प्रधानाध्यापक प्रभात चंद्र विद्यासागर के अलावा शिक्षिकाएं कुमारी चंदा, सुषमा शुक्ला, रिजवाना खातून और बिमला कुमारी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। लेकिन संसाधनों की कमी और जर्जर भवन के कारण बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिलाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन आज तक न भवन की मरम्मत हुई और न ही बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया।

एंकर आउट्रो

एंकर:
“मासूम बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ा यह मामला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करता है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस विद्यालय की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाते हैं।”

श्यामल प्रतीक,
चाणक्य न्यूज़ इंडिया, आदापुर (पूर्वी चंपारण)

By Ashok Mishra

Ashok Mishra is the Editor-in-Chief of Chanakya News India, a Hindi digital news platform established in 2012. The organization focuses on delivering verified breaking news, live news coverage, crime, entertainment, business, technology, and regional updates across India. Address: FNG vihar 2 sector 121 Gautam budhnagar Uttar pradesh, India Email -mpcgchanakyanewsindia@gmail.com Phone– +91 9315744968

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