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बिना कार्य शुरू हुए जारी हुआ मास्टर रोल! अमरूपुर में जीरो ग्राउंड पर खुली बड़ी गड़बड़ी, ऑनलाइन हाजिरी से उठे गंभीर सवाल*

BySantosh Kumar Pandey

Aug 6, 2026

स्थान-सुलतानपुर उत्तरप्रदेश, रिपोर्ट-संतोष कुमार पाण्डेय, स्लोगन-*बिना कार्य शुरू हुए जारी हुआ मास्टर रोल! अमरूपुर में जीरो ग्राउंड पर खुली बड़ी गड़बड़ी, ऑनलाइन हाजिरी से उठे गंभीर सवाल*
विकास खंड प्रतापपुर कमैचा की ग्राम पंचायत अमरूपुर में ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत स्वीकृत इंटरलॉकिंग निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि धरातल पर कार्य शुरू हुए बिना ही मास्टर रोल जारी कर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जा रही है। जीरो ग्राउंड पर की गई पड़ताल में न केवल निर्माण कार्य बंद मिला, बल्कि मौके पर नागरिक सूचना बोर्ड भी नहीं लगा था, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।जांच के दौरान पिच रोड से ओमकार नाथ शुक्ला के घर तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य तथा पिच रोड से शेर बहादुर के घर तक इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य स्थल का निरीक्षण किया गया। दोनों स्थानों पर कहीं भी मजदूर कार्य करते नहीं मिले। न तो इंटरलॉकिंग बिछाई जा रही थी, न निर्माण सामग्री मौजूद थी और न ही कोई कार्य प्रगति पर दिखाई दिया।
मौके पर यह भी पाया गया कि पिच रोड से ओमकार नाथ शुक्ला के घर तक पुराने खड़ंजे पर घास-फूस उगी हुई है, जबकि पिच रोड से शेर बहादुर के घर तक केवल घास और मिट्टी दिखाई दी। इसके बावजूद संबंधित कार्यों पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज होने का मामला सामने आया है।सबसे गंभीर बात यह रही कि दोनों कार्यस्थलों पर नागरिक सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया था, जबकि नियमानुसार कार्य की लागत, स्वीकृति, अवधि एवं अन्य विवरण प्रदर्शित करने के लिए सूचना बोर्ड लगाया जाना आवश्यक होता है। सूचना बोर्ड न होने से ग्रामीणों को कार्य की जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो सकी।दोनों कार्यों को मिलाकर करीब ₹11.61 लाख की लागत स्वीकृत है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौके पर न कोई कार्य चल रहा था, न सूचना बोर्ड लगा था और न ही मजदूर काम करते मिले, तब ऑनलाइन मास्टर रोल में हाजिरी किस आधार पर दर्ज की जा रही थी?यह मामला तकनीकी सहायक (टीए), एपीओ, ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला हो सकता है। इस संबंध में एपीओ आशुतोष वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं इसको दिखावा लेता हूं।

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