*ब्यावर की बदहाल सड़कों और अमृतकौर की दुर्दशा के बीच कैसी विकास गाथा? : अजय शर्मा*
*मंत्री अविनाश गहलोत व विधायक शंकर सिंह रावत के दावों पर कांग्रेस का पलटवार*
*“विकास प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं, जनता की जिंदगी में दिखाई देता है—भाजपा पहले ब्यावर का आईना देखे”*
शम्भू दयाल व्यास
ब्यावर, 8 अगस्त, शनिवार।
कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत एवं ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत द्वारा तीन वर्षों की विकास उपलब्धियां गिनाए जाने पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्यावर के अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि बदहाल सड़कें, पेयजल समस्या और राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी के बीच विकास की लंबी-चौड़ी बातें जनता के सवालों का जवाब नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि विकास आंकड़ों और घोषणाओं में नहीं, बल्कि सड़क, अस्पताल, पानी और आमजन की जिंदगी में दिखाई देता है।
पहले ब्यावर की जमीनी हकीकत देखें
अजय शर्मा ने कहा कि जिला मुख्यालय ब्यावर की अनेक सड़कें बदहाल हैं और जगह-जगह गड्ढे आमजन की परेशानी बने हुए हैं।
“मंत्री और विधायक एक दिन जनता के साथ शहर की सड़कों का दौरा कर लें। उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दावों और धरातल की सच्चाई का अंतर स्वयं दिखाई देगा।”
उन्होंने कहा कि जिस ब्यावर को जिला बनाने का गौरव कांग्रेस सरकार ने दिया, उसी शहर की मूलभूत समस्याओं पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
अमृतकौर की स्थिति विकास के दावों पर सवाल
अजय शर्मा ने कहा कि राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में चिकित्सकीय पदों की रिक्तता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और निश्चेतक जैसे महत्वपूर्ण पदों की समस्या गंभीर है। इसका सीधा असर मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है।
“सत्ता में मंत्री और स्थानीय विधायक होने के बावजूद यदि जिले के प्रमुख सरकारी अस्पताल में आवश्यक चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, तो सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। जनता को भाषण नहीं, अस्पताल में डॉक्टर और समय पर इलाज चाहिए।”
उन्होंने कहा कि प्रेस वार्ता स्थल से लगभग 500 मीटर दूर अमृतकौर अस्पताल होने के बावजूद उसकी स्थिति पर एसी कमरों में बैठकर चर्चा करने के बजाय मौक़े पर जाकर सच्चाई से रूबरू होते तो ज़्यादा बेहतर होता।
“कांग्रेस की विरासत सहेज लेते तो भी बेहतर होता”
अजय शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2023 में ब्यावर को जिला बनाया और स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल सहित कई क्षेत्रों में आधारभूत विकास किया।
“कांग्रेस की विरासत बढ़ाना तो दूर, भाजपा उसे सहेजकर ही रख लेती तो ब्यावर की जनता के लिए बेहतर होता। कांग्रेस सरकारों के कामों का श्रेय लेने के बजाय भाजपा अपनी नई उपलब्धियों का हिसाब दे।”
उन्होंने भाजपा से पूछा कि पिछले तीन वर्षों में ब्यावर को ऐसी कौन-सी नई, बड़ी और स्थायी परियोजना मिली, जिसे उसकी विशिष्ट उपलब्धि कहा जा सके।
मंत्री-विधायक अपना रिपोर्ट कार्ड दें
अजय शर्मा ने कहा कि मंत्री अविनाश गहलोत अपने विभाग से ब्यावर को मिली नई उपलब्धियों, पूर्ण और लंबित योजनाओं तथा खर्च का विवरण दें। वहीं विधायक शंकर सिंह रावत लगभग 17 वर्षों के जनप्रतिनिधित्व में ब्यावर के लिए लाई गई बड़ी परियोजनाओं, सड़क-पेयजल समस्याओं तथा अमृतकौर के रिक्त पदों के समाधान के प्रयासों का हिसाब जनता को दें।
उन्होंने कहा कि अब घोषणाएं नहीं, तारीख और समयसीमा चाहिए—
“डॉक्टर कब आएंगे? रिक्त पद कब भरेंगे? ऑपरेशन सेवाएं कब नियमित होंगी? सड़कें कब सुधरेंगी? पेयजल समस्या कब दूर होगी? सरकार इन सवालों का स्पष्ट जवाब दे।”
सार्वजनिक बहस की चुनौती
अजय शर्मा ने मंत्री एवं विधायक को सार्वजनिक बहस की चुनौती देते हुए कहा—
“कांग्रेस सरकार के विकास कार्यों और भाजपा सरकार के कार्यकाल में ब्यावर की वर्तमान स्थिति पर तथ्यों, आंकड़ों और दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक बहस के लिए मैं तैयार हूं। समय और स्थान मंत्री एवं विधायक तय कर लें। फिर फैसला प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं, ब्यावर की जनता करेगी।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं, बल्कि विकास के नाम पर जमीनी समस्याओं की अनदेखी के खिलाफ है।
“ब्यावर की जनता अब दावों से नहीं, काम से जवाब मांगेगी। सड़क, पानी और अस्पताल की स्थिति ही सरकार का असली रिपोर्ट कार्ड है।”
