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*मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) एवं यातायात जागरूकता अभियान के तहत सुलतानपुर पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान*

BySantosh Kumar Pandey

Aug 10, 2026

स्थान-सुलतानपुर उत्तर प्रदेश, रिपोर्ट-संतोष कुमार पाण्डेय,विशेष सम्वाददाता चाणक्य न्यूज इंडिया
उत्तर प्रदेश शासन के महत्वाकांक्षी *“मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण)”* के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर *श्रीमती चारू निगम* के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में महिला सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, साइबर सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने हेतु व्यापक अभियान चलाया गया।
इसी क्रम में *मिशन शक्ति टीमों, एंटी रोमियो टीमों एवं महिला बीट पुलिस अधिकारियों* द्वारा विभिन्न *सार्वजनिक स्थलों* , बाजारों, बस स्टैंडों एवं *ग्रामीण क्षेत्रों* में *जागरूकता कार्यक्रम एवं जनसंवाद आयोजित* किए गए। इस दौरान महिलाओं एवं आमजन को *महिला एवं बाल सुरक्षा* से संबंधित *विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों* की जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर उनका निर्भीक होकर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान *1090 (वूमेन पावर लाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), 108 (एम्बुलेंस सेवा), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन)* एवं *1930 (राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन)* के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक एवं मैसेज से सावधान रहने तथा ओटीपी, बैंक खाता एवं अन्य व्यक्तिगत गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने के प्रति जागरूक किया गया। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल *1930* पर कॉल करने एवं राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।
महिला बीट *अधिकारियों एवं मिशन शक्ति टीमों द्वारा* ग्राम चौपाल, बहू-बेटी सम्मेलन एवं *जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम* से *महिलाओं एवं बालिकाओं* को उनके अधिकारों तथा महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी गई। इस दौरान घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह, बाल श्रम एवं महिला उत्पीड़न से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति भी जागरूक किया गया। साथ ही सरकार द्वारा संचालित महिला कल्याणकारी योजनाओं, आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।
एंटी रोमियो टीमों द्वारा बाजारों एवं अन्य *भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर सतर्क भ्रमण करते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद स्थापित किया गया* तथा उन्हें आत्मरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा एवं किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया।