अँकर . . वर्धा जिले के अल्लीपुर में चल रहे अवैध गोवंश तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। थानेदार संगीता हेलोंडे की धमाकेदार कार्यवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है।
पिछले कई दिनों से अल्लीपुर गांव परिसर में अवैध रूप से जानवरों की तस्करी की जा रही थी। इसको लेकर बजरंग दल ने कई बार शिकायत की थी और अखबारों में भी खबरें प्रकाशित हुई थीं।
जानकारी के मुताबिक, कल देर रात करीब 2 बजे थानेदार संगीता हेलोंडे को गुप्त सूचना मिली थी कि अल्लीपुर मार्ग से जानवरों को कत्लखाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत अपनी टीम तैयार की और अल्लीपुर के पास सोनेगांव स्टेशन के नजदीक जाल बिछाया।
पुलिस को देख अंधेरे का फायदा उठाकर दो गाड़ियां – बुलेरो मालवाहक MH30 RD6371 और कार MH46Z5925 – भागने लगीं। लेकिन पुलिस की सतर्कता से चारों तरफ से घेर कर दोनों गाड़ियों को पकड़ लिया गया।
जांच में सामने आया कि बुलेरो गाड़ी में 10 गोवंश को निर्दयता से ठूंस-ठूंस कर कत्ल के लिए ले जाया जा रहा था। इसमें 2 गाय-बछड़ा और 8 बछड़े शामिल हैं। पुलिस ने तुरंत वाहन जब्त कर सभी जानवरों को मुक्त कराया।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक दोनों गाड़ियों में सवार 4 आरोपी मौके से फरार हो गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद अल्लीपुर परिसर में अवैध धंधा करने वालों में दहशत है, वहीं ग्रामीणों ने थानेदार संगीता हेलोंडे और उनकी पूरी टीम की सराहना की है।
थानेदार हेलोंडे ने कहा है कि अल्लीपुर से अवैध पशु तस्करी की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। आज सुबह की कार्रवाई में वाहन पकड़ा गया है, आगे की जांच जारी है और ऐसे अवैध धंधों पर आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने महाराष्ट्र प्राणी संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
वर्धा से सतीश काळे की रिपोर्ट
