खाद की अवैध आवाजाही पर बड़ा शिकंजा
ट्रक में 632 बोरी, पिकअप में 50 और साइकिलों पर 19 बोरी यूरिया बरामद
पूर्वी चंपारण में लगातार कार्रवाई से खुल रही अवैध सप्लाई की परतें, अब खाद के मूल स्रोत और पूरे नेटवर्क तक जांच पहुंचाने की जरूरत
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
विशेष रिपोर्ट | श्यामल प्रतीक
रक्सौल अनुमंडल संवाददाता
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में यूरिया की अवैध आवाजाही के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में खाद की सप्लाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में 701 बोरी यूरिया बरामद हुई है। कहीं 14 चक्का ट्रक में सैकड़ों बोरियां मिलीं, कहीं पिकअप से खेप पकड़ी गई और कहीं साइकिलों के जरिए खाद सीमा की ओर ले जाते हुए बरामद की गई।
इन बरामदगियों ने अब जांच का दायरा केवल मौके पर पकड़े गए लोगों और वाहनों तक सीमित रखने के बजाय खाद के मूल स्रोत, डीलर, स्टॉक, परिवहन और संभावित गंतव्य तक पहुंचाने की जरूरत बढ़ा दी है।
चंद्रहिया में 632 बोरी से लदा ट्रक
14 सितंबर की रात 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के इंटेलिजेंस इनपुट पर मुफस्सिल थाना पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने चंद्रहिया गांव में कार्रवाई की।
एक परिसर में खड़े 14 चक्का ट्रक BR 06 GD 9741 से HURL यूरिया की 632 बोरियां बरामद की गईं। SSB के अनुसार खाद को अवैध रूप से नेपाल भेजे जाने की सूचना मिली थी।
इतनी बड़ी खेप की बरामदगी के बाद खाद के आवंटन, खरीद, भंडारण और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। बरामद यूरिया किस डीलर अथवा प्रतिष्ठान के लिए जारी हुई थी और चंद्रहिया तक किस माध्यम से पहुंची, इसकी तह तक जांच पूरे नेटवर्क की तस्वीर सामने ला सकती है।
जितना में पिकअप से 50 बोरी जब्त
16 सितंबर को जितना थाना क्षेत्र के बीजबनी आम गाछी के समीप पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 50 बोरी यूरिया बरामद की।
45 किलो प्रति बोरी के हिसाब से कुल 2,250 किलो यानी 22.50 क्विंटल यूरिया जब्त किया गया।
पुलिस ने चालक मुकेश कुमार यादव, निवासी अगरवा, थाना जितना को पकड़ा। प्रारंभिक पुलिस सूचना में खाद को नेपाल की ओर कालाबाजारी के लिए ले जाने की आशंका जताई गई है।
कृषि विभाग के सहयोग से खरीद-बिक्री और परिवहन संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जितना थानाध्यक्ष सुधीर कुमार के अनुसार प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सीमा से 200 मीटर पहले साइकिलों पर मिली खेप
उसी दिन 71वीं वाहिनी SSB की जंझारा क्षेत्र की पेट्रोलिंग टीम ने बालूआ गांव के समीप 19 बोरी यूरिया बरामद की। इसका कुल वजन 855 किलो बताया गया है।
कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा से करीब 200 मीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में हुई। यूरिया के साथ चार साइकिलें भी जब्त की गईं।
SSB के अनुसार रेगनिया निवासी विनोद कुमार को पकड़ा गया। प्रारंभिक जानकारी में खाद को रेगनिया से नेपाल के बैरिया की ओर ले जाने की बात सामने आई है।
ट्रक से साइकिल तक फैली अवैध आवाजाही
तीनों मामलों में खाद पहुंचाने के तरीके अलग-अलग रहे। चंद्रहिया में 632 बोरी से लदा बड़ा ट्रक मिला, जितना में 50 बोरी लेकर जा रहा पिकअप पकड़ा गया और बालूआ में साइकिलों पर 19 बोरी यूरिया सीमा के करीब बरामद हुई।
इन मामलों के आपस में जुड़े होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही बरामदगी ने खाद की अवैध आवाजाही के पीछे सक्रिय सप्लाई व्यवस्था की गहराई से जांच की जरूरत जरूर बढ़ा दी है।
असली कड़ी खाद के स्रोत में
कार्रवाई की अगली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बरामद खाद के मूल स्रोत तक पहुंचना है। इसके लिए यूरिया के बैच नंबर, कंपनी चालान, डीलरों के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड और परिवहन दस्तावेजों का मिलान महत्वपूर्ण हो सकता है।
बड़ी खेप के मामलों में लोडिंग स्थल, वाहन मालिक, भंडारण स्थल और संबंधित कारोबारी संपर्कों की जांच भी नेटवर्क को सामने लाने में मदद कर सकती है।
मोबाइल संपर्क, भुगतान रिकॉर्ड और वाहन की आवाजाही से जुड़े दस्तावेजों की जांच से भी खाद की पूरी सप्लाई श्रृंखला का पता लगाया जा सकता है।
किसानों के हिस्से की खाद पर भी असर
पूर्वी चंपारण कृषि प्रधान जिला है। यहां यूरिया की उपलब्धता सीधे खेती और किसानों की जरूरतों से जुड़ी हुई है।
यदि किसानों के लिए निर्धारित सब्सिडीयुक्त यूरिया अधिकृत वितरण व्यवस्था से बाहर निकलकर अवैध बाजार या सीमा पार पहुंचती है तो इसका सीधा प्रभाव स्थानीय किसानों पर पड़ सकता है।
इस कारण मामला केवल सीमा पर अवैध आवाजाही तक सीमित नहीं है। यह कृषि विभाग की निगरानी, खाद वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता और अधिकृत विक्रेताओं के स्टॉक सत्यापन से भी जुड़ा है।
जब्ती के बाद अब नेटवर्क पर कार्रवाई की जरूरत
SSB, पुलिस और कृषि विभाग की लगातार कार्रवाई से खाद की अवैध आवाजाही पर दबाव बढ़ा है। अब जांच को मौके पर पकड़े गए चालक या साइकिल से खाद ले जाते लोगों तक सीमित रखने के बजाय उन स्थानों तक पहुंचाना जरूरी है जहां से यूरिया अधिकृत वितरण व्यवस्था से बाहर निकली।
यदि संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो खाद उपलब्ध कराने वाले स्रोत, भंडारण करने वालों, परिवहन से जुड़े लोगों, बिचौलियों और सीमा पार संपर्कों को भी जांच के दायरे में लाना होगा।
पूर्वी चंपारण में लगातार मिल रही यूरिया की खेप ने साफ कर दिया है कि केवल सीमा पर जब्ती पर्याप्त नहीं है। खाद की अवैध आवाजाही पर निर्णायक रोक के लिए सप्लाई श्रृंखला की जड़ तक पहुंचना जरूरी है।
आंकड़ों में कार्रवाई
चंद्रहिया — 632 बोरी
14 चक्का ट्रक से बरामद
जितना — 50 बोरी
22.50 क्विंटल यूरिया पिकअप से जब्त
बालूआ — 19 बोरी
855 किलो यूरिया और चार साइकिलें जब्त
कुल बरामदगी — 701 बोरी यूरिया
