सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन शुल्क में राहत बनी बेटी के भविष्य की बचत
पायल भट्टर ने रजिस्ट्री में बचाए 1.32 लाख रुपये, बेटी के बचत खाते में जमा की पूरी राशि
बलौदाबाजार, 20 सितम्बर 2026। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही पंजीयन शुल्क में रियायत किस तरह परिवार के भविष्य को आर्थिक मजबूती दे सकती है, इसका उदाहरण बलौदाबाजार की पायल भट्टर ने प्रस्तुत किया है। संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान मिली 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क की छूट से उनकी 1 लाख 32 हजार रुपये की बचत हुई। पायल ने इस पूरी राशि को अपनी बेटी के बचत खाते में जमा कर दिया है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं और नागरिक सुविधाओं के जमीनी प्रभाव को जाना जा रहा है। इसी दौरान पायल भट्टर ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि पंजीयन शुल्क में मिली राहत से संपत्ति खरीदने का खर्च कम हुआ और बची हुई राशि को बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।
बेटी की शिक्षा और भविष्य के लिए सुरक्षित की राशि
पायल भट्टर ने बताया कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली शुल्क छूट से उन्हें 1.32 लाख रुपये की बचत हुई। उन्होंने इस राशि को तत्काल खर्च करने के बजाय अपनी बेटी के बचत खाते में जमा किया, ताकि भविष्य में उसकी शिक्षा, आवश्यकताओं या किसी महत्वपूर्ण अवसर पर यह राशि उपयोगी हो सके।
उन्होंने कहा कि अपने नाम संपत्ति होने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत होती है। वहीं, पंजीयन शुल्क में बची राशि को बेटी के नाम सुरक्षित करना इस पहल का अतिरिक्त लाभ बन गया।
महिलाओं के नाम संपत्ति को बढ़ावा
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है। इसके तहत पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किए जाने की जानकारी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है।
पायल भट्टर ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
नीति से लाभ तक पहुंच रहा सेवा संकल्प अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप, वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य किए जाने की बात कही गई है।
बचत सिर्फ आज की राहत नहीं, बल्कि कल के भविष्य की राह भी बन सकती है। पायल भट्टर द्वारा बचाई गई राशि को बेटी के खाते में सुरक्षित करना इसी सोच का उदाहरण है।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
हिमांशु शुक्ला
बलौदाबाजार-भाटापारा
