सत्य केवल यथार्थ ही नहीं बल्कि हित, मित एवं प्रिय होता है, वही क्षणिक लाभ के लिए असत्य का आश्रय अंततः भय अशांति देता है यह बात आज नगर के जैन बड़ा मंदिर परिसर में सांगानेर राजस्थान से आई विदुषी रिया दीदी ने अपने मंगल प्रवचन में श्रद्धालुओं के बीच कही, दीदी जी ने असत्य के दुष्प्रभावों को दैनिक जीवन के उदाहरण से स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना टिकिट ट्रेन में यात्रा करता है तो क्या वह उस यात्रा का वास्तविक आनंद ले पाता है, भले ही उसने कुछ पैसा बचा लिए हो लेकिन मन में पकड़े जाने का भय निरंतर बना रहता है । हमें यह भी स्मरण रखना चाहिए कि हमारा सत्य दूसरों को पीड़ा पहुंचने वाला भी न हो ।
दसलक्षण धर्म पर्व के अवसर पर नगर के चारों मंदिर में उत्साह का महौल है, यही उमंग उत्सव को महामहोत्सव बना रहा है ।
युवा मंडल द्वारा ‘धार्मिक तंबोला’ का भव्य आयोजन,भजनों की सुरमयी तानों पर झूमे श्रद्धालु
श्री दिगंबर जैन मंदिर हटा प्रांगण में आयोजित दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर ‘उत्तम सत्य धर्म’ के दिन बीती रात्रि अत्यंत भव्य एवं उत्साहवर्धक ‘धार्मिक तंबोला’ का आयोजन किया गया। जैन युवा मंडल के कुशल संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे जिनालय प्रांगण को भक्ति, आनंद और उल्लास के रंग में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण धार्मिक तंबोला के साथ-साथ भजनों की मधुर प्रस्तुतियाँ रहीं।
इस आयोजन में बच्चों, बालिकाओं, नवयुवकों, महिला मंडल एवं वरिष्ठ श्रेष्ठियों सहित समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने एक साथ बैठकर इस धार्मिक आयोजन का भरपूर आनंद उठाया।
जैन दर्शन के उच्च आदर्शों से श्रद्धालुओं को जोड़ने के लिए तंबोला के मुख्य पुरस्कारों के नाम सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र, मोक्ष और पंच परमेष्ठी रखे गए थे। इसके साथ ही प्रतिभागियों को लकी ड्रा के माध्यम से सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
पूरे आयोजन के दौरान परिसर भगवान जिनेंद्र के जयकारों एवं भक्ति स्वर से गुंजायमान रहा। उपस्थित समाजजनों ने युवा मंडल के इस सुंदर एवं सफल आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की।
हटा के चारों मंदिरों में महकी धूप दशमी की सुगंध, विदुषी बहनों ने बताया सुगंध दशमी का महत्व
दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर धूप दशमी (सुगंध दशमी) का पवित्र पर्व नगर के चारों दिगंबर जैन मंदिरों में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा जिनालयों में पवित्र धूप खेवन कर वातावरण को सुवासित किया गया।साथ ही विदुषी बहनों द्वारा सुगंध दशमी व्रत का महत्व बताया गया।
संध्या काल में चारों मंदिरों में दीपकों की जगमगाहट के बीच भव्य आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया
