कर्तव्यपथ पर प्राण न्योछावर करने वाले BSF जवान मोनू साव का पार्थिव शरीर आसनसोल पहुंचा,
नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
श्रीनगर में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 175वीं बटालियन के कांस्टेबल मोनू साव का दो दिन पूर्व दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। रविवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मोहिसीला पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

अपने लाडले के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग उमड़ पड़े। ‘भारत माता की जय’ और ‘मोनू साव अमर रहें’ के नारों से पूरा इलाका गमगीन माहौल में गूंज उठा।
BSF की टुकड़ी ने दिवंगत जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और गन सैल्यूट के साथ अंतिम सलामी दी। सैन्य परंपराओं के अनुसार पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल दक्षिण की विधायक एवं मंत्री अग्निमित्रा पाल ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को दिवंगत जवान के घर भेजकर परिजनों से मुलाकात कराई और इस कठिन समय में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
स्थानीय प्रतिनिधि अनूप चटर्जी ने बताया कि मंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और प्रशासन की ओर से आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया है।

अंतिम यात्रा के दौरान हर आंख नम नजर आई। मोहिसीला के ग्रामीणों ने देश की रक्षा में समर्पित इस वीर जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। जवान मोनू साव का असमय निधन उनके परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
