DELHI BOMB BLAST आतंकी बाबरी का बदला लेना चाहते थे: देशभर में 32 कारों से धमाके की बड़ी साजिश, दिल्ली ब्लास्ट उसी प्लान का हिस्सा
देश की राजधानी दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह धमाका किसी एक घटना का नतीजा नहीं था, बल्कि देशभर में फैली एक बड़े पैमाने की आतंकी साजिश का हिस्सा था। सूत्रों के अनुसार, आतंकी संगठन बाबरी विध्वंस का बदला लेने के मकसद से देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ 32 कारों में धमाके करने की तैयारी कर रहे थे।
जांच में सामने आया है कि इस साजिश की रूपरेखा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बैठकर तैयार की गई थी, जहां से निर्देश और फंडिंग दोनों भेजी जा रही थी। इस पूरी प्लानिंग में शामिल मुख्य सरगना “डॉ. उमर” और “शकील” नामक आतंकी बताए जा रहे हैं, जिनका नेटवर्क दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, मुंबई, हैदराबाद और भोपाल तक फैला हुआ था। ये लोग देश में फैले स्लीपर सेल्स के जरिए कारें खरीदकर, उनमें विस्फोटक भरकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी करने की योजना बना रहे थे।
दिल्ली में हुआ धमाका इसी नेटवर्क की पहली कड़ी माना जा रहा है। एजेंसियों को अब तक कई CCTV फुटेज मिले हैं जिनमें संदिग्ध कारों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में घूमते देखा गया है। जांचकर्ता मान रहे हैं कि दिल्ली ब्लास्ट को “ट्रायल रन” के तौर पर अंजाम दिया गया, ताकि सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों का अंदाजा लगाया जा सके।

सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों का इरादा था कि 6 दिसंबर, यानी बाबरी विध्वंस की बरसी के दिन, एक साथ देशभर में धमाके कर दहशत फैलाई जाए। इसके लिए दिल्ली समेत कई राज्यों में स्थानीय मददगारों की तलाश और बम बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी।
NIA और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस साजिश के तार जोड़ने में जुटी है। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनके मोबाइल व डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि समय रहते इस साजिश का भंडाफोड़ नहीं हुआ होता, तो देश में अब तक की सबसे बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दिया जा सकता था।


