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CHHATARPUR जेलर पर गिरा शासन का ‘हंटर’: वसूली के आरोपों और कैदी की मौत ने छीनी कुर्सी, जाटव आउट, पवार इन!

CHHATARPUR  भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और कैदियों की संदिग्ध मौतों के लिए बदनाम हो चुकी छतरपुर जिला जेल में आखिरकार गाज गिर ही गई। लंबे समय से शिकायतों के घेरे में रहे जेलर दिलीप सिंह जाटव को पद से हटा दिया गया है। जेल के भीतर चल रहे ‘अंधेरगर्दी’ के खेल पर महानिदेशक (जेल) डॉ. वरुण कपूर ने कड़ा प्रहार करते हुए शुक्रवार को तबादले के आदेश जारी कर दिए। अब रीवा केंद्रीय जेल के उप जेल अधीक्षक योगेंद्र पवार छतरपुर जेल की कमान संभालेंगे।

Journalist Arvind Jain
मौत और वसूली ने खोली पोल-पट्टी
CHHATARPUR जिला जेल पिछले कुछ समय से ‘यातना गृह’ और ‘वसूली का अड्डा’ बन चुकी थी। हाल ही में एक कैदी द्वारा जेल की छत से कूदकर जान देने की घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और जेलर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

आरोप हैं कि जेल के भीतर कैदियों से सुविधाओं के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी और जो कैदी पैसे नहीं दे पाते थे, उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। इन्हीं गंभीर आरोपों और हालिया मौत के मामले को देखते हुए जेलर जाटव को तत्काल प्रभाव से रुखसत कर दिया गया है।

#दो प्रहरी भी नपे, सुरक्षा में थी बड़ी सेंध
जेलर पर कार्रवाई के साथ ही देर शाम सतना सेंट्रल जेल की अधीक्षक लीना कोष्ठा जांच के लिए छतरपुर जिला जेल पहुंचीं। उन्होंने माना कि गुरुवार को हुई कैदी की मौत के मामले में ड्यूटी पर तैनात प्रहरियों ने भारी लापरवाही बरती थी। सुरक्षा में इस बड़ी चूक के चलते प्रहरी अंकित मिश्रा और सुरेंद्र तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

#क्या नए जेलर सुधार पाएंगे हालात?
जेलर दिलीप जाटव पर केवल लापरवाही ही नहीं, बल्कि जेल के भीतर अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने के भी संगीन आरोप लगते रहे हैं। चर्चा है कि जेल के भीतर एक संगठित गिरोह की तरह वसूली का काम चल रहा था। अब देखना यह होगा कि नए जेलर योगेंद्र पवार इस ‘बदनाम’ हो चुकी जेल की छवि को सुधार पाते हैं या व्यवस्था जस की तस बनी रहेगी।