कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा, ‘कल लोकसभा में जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी।’
उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया बिल गिर गया। सत्ता पक्ष हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकता।’
शुक्रवार को लोकसभा में सरकार संविधान का 131वां संशोधन बिल लाई थी। सरकार इसे पास नहीं करा पाई। यह 54 वोट से गिर गया। इसके जरिए संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था
- पीएम की स्पीच से हम चौंक गए: पीएम ने कई बार अपने भाषण में कहा कि अगर आप इससे सहमत नहीं होंगे तो आप यहां नही बैठ सकते हैं। हम चौंके थे कि इनकी मंशा क्या थी।
- संविधान संशोधन बिल साजिश थी: मेरे ख्याल से पूरी साजिश जो रची गई वह इसलिए कि हमें सत्ता में रहना है। वह अभी नहीं किया जाएगा परिसीमन 2029 तक नहीं हो पाएगा। वह महिलाओं के नाम पर किया जा रहा था। ताकि उन्हें स्वतंत्रता मिल जाए सत्ता में बने रहने की।
- मसीहा नहीं बन सकते: केंद्र सरकार ने सोचा बिल पारित हो जाएगा तो उनकी जीत होती। नहीं हुआ तो हम हर विपक्षी नेता को महिला विरोधी साबित करके महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएंगे।
- मैं खुश हूं विपक्ष ने विरोध किया: यह साफ है कि यह महिलाओं के लिए नहीं परिसीमन के लिए था। मैं खुश हूं कि विपक्ष ने उनका विरोध किया। ब्लैक डे उनके लिए है क्योंकि उन्हें धक्का लगा है कि यह हो कैसे गया।
- लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न हो पाने के विरोध में आंध्र प्रदेश सीएम चंद्रबाबू नायडू ने निदावोलु में प्रदर्शन किया। इसमें टीडीपी, जन सेना और भाजपा दलों के नेताओं व कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
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लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न हो पाने पर, BJP सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कांग्रेस और विपक्षी दल शुरू से ही महिला-विरोधी रहे हैं। 1996 में जब देवेगौड़ा ने यह विधेयक पेश किया था तो उन्होंने इसका विरोध किया था। जब वाजपेयी ने इसे पेश किया तो उन्होंने उसका भी विरोध किया।
असल में इसी विपक्ष के सदस्यों ने तो विधेयक को फाड़ भी दिया था। देश बदल चुका है। राष्ट्र की स्थिति और उसकी दिशा पूरी तरह बदल चुकी है। वे नहीं चाहते कि इस सदन में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो और न ही वे महिलाओं के सशक्तिकरण की इच्छा रखते हैं। आपकी असली मंशा अब बिल्कुल साफ हो चुकी है।
- BJP नेता स्मृति ईरानी ने कहा, मुझे यह सुनकर हैरानी हुई कि आज कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहा गया कि वे महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हैं, जो 2023 में पास हुआ था और जिसमें परिसीमन का जिक्र है। लेकिन कांग्रेस के दोहरे रवैये को देखिए, वे यह भी कहते हैं कि उन्हें इस प्रक्रिया के लिए किए गए वादों और इंतजामों पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस को देश की संवैधानिक व्यवस्थाओं पर, संसद पर और देश की महिलाओं पर कोई भरोसा नहीं है।
- रिजिजू बोले- महिलाओं को अधिकार न देकर जश्न मनाना सही नहीं
किरेन रिजिजू ने कहा- हम लोग दुखी है यह नुकसान पार्टियों को हुआ इससे दुखी नहीं है। बल्कि देश की महिलाओं के लिए दुखी हैं। देश के संचालन करने में महिलाओं को हिस्सेदारी देने के लिए जो कदम उठाया गया वो पास नहीं हो सका। यह पार्टी का फेल्योर नहीं है बल्कि देश की महिलाओं को नुकसान पहुंचाया गया है। कांग्रेस पार्टी के ऊपर महिला विरोधी काला धब्बा लग गया जो खत्म नहीं होने वाला है। यह पार्टी की असफलता नहीं है महिलाओं को अधिकार न देकर जश्न मनाना सही नहीं है। इससे बड़ी महिला विरोधी मानसिकता नहीं हो सकती।तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा- कल संसद में वे एक नया बिल लेकर आए थे लेकिन वे 2023 में ही ‘महिला बिल’ पास कर चुके थे। उस बिल के पीछे ‘परिसीमन’ छिपा हुआ था। इसका मकसद तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व को कम करना था। कल हमने संसद भवन में उस बिल को हरा दिया।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रिंयका से 4 सवाल-जवाब
सवाल: महिला आरक्षण के सहारे परिसीमन बिल लाया गया था। इस पर आपका क्या कहना है जवाब: पूरा विपक्ष जानता है कि ये बिल महिला आरक्षण के लिए नहीं था। ये परिसीमन पर ही था।
सवाल: आपने कहा कि सरकार 543 सीटों पर आरक्षण दे दे। लेकिन उसमें ओबीसी आरक्षण नहीं है। जवाब: उस बिल में भी उचित प्रावधान बनाया जा सकता है।
सवाल: सरकार कह रही है कि हम संसद से सड़क तक जाएंगे। कांग्रेस इससे कैसे निपटेगी। जवाब: सरकार ने पहले ही सब प्लानिंग कर ली थी। ये भी उसी का हिस्सा है। कल हमने उन्हें संसद में हराया, अब बैठकर सोचेंगे कि आगे क्या करना है।
सवाल: महिला आरक्षण कानून लागू हो या न हो, क्या कांग्रेस अगले चुनावों में 33% महिला उम्मीदवार उतारेगी? जवाब: हमारी उम्मीद है कि अगले चुनावों में 33% महिलाएं चुनाव लड़ेंगीं। हम कह रहे हैं कि दोबारा विधेयक लाइए, हम उसे पास करेंगे।प्रियंका बोलीं- मीडियाबाजी और पीआर अब नहीं चलेगा
प्रियंका ने कहा- आज की महिलाओं की समस्याएं बढ़ रही हैं, संघर्ष बढ़ रहा है। बेवकूफ नहीं हैं महिलाएं। वो सब कुछ देख रही हैं। मीडियाबाजी, पीआर.. अब नहीं चलेगी। कुछ ठोस करना है तो आप 2023 में जो सर्व सहमति से जो विधेयक पारित हुआ था, सारे दलों ने उसका समर्थन किया था, उसे लाइए। उसमें अगर कुछ एकाध संशोधन करना है तो करिए उसे अभी लागू करिए।
महिलाओं को हक दीजिए। लेकिन उसको आप घुमाकर दूसरी चीजों से जोड़कर गुमराह करने की कोशिश मत कीजिए। हम सब तैयार हैं।प्रियंका बोलीं- विपक्ष को महिला विरोधी बताकर मसीहा बनना चाहते थे
प्रियंका ने कहा- मेरे ख्याल से पूरी साजिश जो रची गई वह इसलिए कि हमें सत्ता में रहना है। वह अभी नहीं किया जाएगा परिसीमन 2029 तक नहीं हो पाएगा। वह महिलाओं के नाम पर किया जा रहा था। ताकि हमें स्वतंत्रता मिल जाए सत्ता में बने रहने की। उन्होंने सोचा पारित हो जाएगा तो जीत नहीं होता तो हम हर नेता को महिला विरोधी साबित करके महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएंगे।
महिलाएं देख रही हैं। उन्नाव हाथरस, मणिपुर में देखा.. आप संसद में खड़े होकर कह रहे हैं कि आप उनके मसीहा बनना चाहते हैं। यह साफ है कि यह महिलाओं के लिए नहीं परिसीमन के लिए था। मैं खुश हूं कि विपक्ष ने उनका विरोध किया। ब्लैक डे उनके लिए है क्योंकि उन्हें धक्का लगा है कि यह हो कैसे गया।
- प्रियंका बोलीं- कल सरकार की साजिश को हमने रोका
प्रियंका ने कहा- कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। जो सरकार की साजिश थी, लोकतंत्र को कमजोर करने की उसे रोका गया। ये संविधान की देश की और विपक्ष की एकता की जीत थी। पीएम ने कई बार अपने भाषण में कहा कि अगर आप इससे सहमत नहीं होंगे तो आप यहां नही बैठ सकते है। हम चौंके थे कि इनकी मंशा क्या थी। किसी को एक दिन पहले तक नहीं मालूम था कि क्या होने वाला है। हम सोच रहे थे क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है। किसी को एक दिन पहले तक नहीं मालूम था कि क्या होने वाला है। हम सोच रहे थे क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है।

प्रियंका बोलीं-सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी:हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते; खुश हूं कि विपक्ष ने विरोध किया
