सुलतानपुर जनपद के जिला जज की अदालत ने 2.75 करोड़ की ठगी में नहीं दी राहत
सुलतानपुर सुलतानपुर जनपद में ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर धोखाधड़ी करने व 2.75 करोड़ की साइबर ठगी के आरोप से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल के आरोपी फरीद मलिक की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला जज की अदालत मे सुनवाई चली। प्रभारी जिला जज संध्या चौधरी की अदालत ने आरोपी के अपराध को समाज के लिए अत्यंत घातक व बेहद गंभीर मानते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
कोतवाली नगर के विवेकानन्द नगर के वर्तमान व चांदा थाने के सफीपुर स्थायी निवासी भास्कर पांडेय ने गत 14 अक्टूबर को अशिका वेल्थ बिल्डर्स नेटवर्क के व्हाट्सएप ग्रुप के खिलाफ साइबर थाने में धोखाधड़ी व लाखों की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया। उनके आरोप के मुताबिक साइबर ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर 10.11 लाख रुपए गत अप्रैल व मई माह में जमा कराकर उनसे ठग लिए। ठगी का शिकार होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने मामला दर्ज कराया। वहीं अमेठी जिले के अभिषेक सिंह ने भी इन्हीं साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।आरोपियो का यह गिरोह कई प्रदेशों में फैला हुआ है। पुलिस की जांच में करीब 2.75 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में लोगों को लुभावनी स्कीम बताकर उन्हें अपने जाल में फंसा कर निवेश करने व बड़े स्तर पर फ्रॉड का काम आरोपी करते रहे। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल असम राज्य के हनीफ काजी, शमसुद्दीन,सफीकुल इस्लाम व जाकिर खान एवं मुंबई के संतोष सर्वे, विजय ईश्वर पश्चिम बंगाल के फरीद मलिक को जेल भेजने की कारवाई किया था। मामले में आरोपी जाकिर खान,संतोष सर्वे, विजय इश्वर व अन्य की जमानत अर्जी पूर्व में खारिज हो चुकी है। अदालत ने आरोपी फरीद मलिक की भूमिका को अत्यंत गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
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