हनुमान जी द्बारा उतारे गये चोले का सनातनी परम्परा के अनुरुप किया विसर्जन
सवाई माधोपुर (बृजेश त्रिवेदी) जिले के खण्डार शहर में विगत 2 अप्रैल हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर एक विचित्र घटनाक्रम हुआ जब शहर के प्राचीन पीपली वाले हनुमान जी की मूर्ति ने स्वयं अपना चोला मूर्ति से उतार दिया इसे संयोग कहे या चमत्कार ये तो आस्था का विषय है पर शहर में इस बात कि विशेष चर्चा रही कि आखिर मूर्ति ने अपना चौला उतारने के लिए हनुमान जयंती के दिन का ही चयन क्यो किया और दर्शन करने श्रृद्धालुओ का तांता लग गया। हनुमान जयंती को जब सभी लोग सुबह से हनुमान जन्मोत्सव की व्यवस्था में व्यस्त थे तो अचानक सुबह 6 बजे मूर्ति पर पुराना लगा सारा सिंदूर (चौला )भरभराकर नीचे गिर गया और मूर्ति अपने साधारण पत्थर के रूप में आगयी। प्राचीन सनातनी संस्कृति और परम्पराओं के अनुसार आज शहर के लोगों ने पवित्र धाम रामेश्वर स्थित त्रिवेणी संगम जहाँ चम्बल बनास और सीप तीन नदियों का संगम है बोट के द्बारा जाकर विसर्जन किया।चौला विसर्जन करने के बाद सभी भक्तो ने मन्दिर
मे चतुर्भुज नाथ के दर्शन किए। भक्तो में श्याम बिहारी मथुरिया सत्यनारायण मथुरिया महेन्द्र दुबे अनिल शर्मा आदि शामिल रहे।

सवाई माधोपुर (बृजेश त्रिवेदी)
