संभल। श्री कल्कि धाम में कल्कि जयंती उत्सव बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम श्री कल्कि यज्ञशाला में श्री कल्कि प्राकट्य यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसकी पूर्णाहुति श्री कल्कि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने की। यज्ञ के उपरांत विशाल जर्मन हैंगर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।
अभिजीत नक्षत्र में दोपहर 12 बजे श्रीमद् जगद्गुरु सतीशाचार्य जी, स्वामी चक्रपाणि जी, आचार्य प्रमोद कृष्णम जी, अखाड़ा परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव महामंडलेश्वर नारायण गिरी जी, स्पेन से आए महेश आचार्य सहित अन्य संतों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने संत समाज के समक्ष तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे—गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, श्री कल्कि धाम को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने और श्री कल्कि जयंती की तिथि को शास्त्रीय आधार पर घोषित करने की मांग। संत समागम में उपस्थित सभी संतों ने इन प्रस्तावों का एकमत से समर्थन किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद और पंजाब से आईं नवजोत कौर सिद्धू ने भी भाग लिया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर श्री कल्कि धाम निर्माण के लिए संतों और श्रद्धालुओं द्वारा उदार सहयोग की घोषणाएं की गईं। सतीशाचार्य जी ने 12 करोड़ 12 लाख 12 हजार 212 रुपये, स्वामी चक्रपाणि जी ने 5 लाख रुपये तथा महामंडलेश्वर नारायण गिरी जी ने 1 लाख रुपये देने की घोषणा की।
नवजोत कौर सिद्धू ने अपने संबोधन में कहा कि श्री कल्कि अवतार का उल्लेख हमारे गुरुओं में भी मिलता है और इस पावन भूमि की सेवा करना सौभाग्य की बात है। वहीं मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सरकार संतों के प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करेगी और उन्हें लागू करने के लिए तत्पर है।
कार्यक्रम के अंत में श्री कल्कि भगवान के बाल स्वरूप को झूला झुलाया गया तथा भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, अशोक नागर, परमेश्वर लाल सैनी, बिजेंद्र त्यागी, लवकुश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने जनसंख्या नियंत्रण को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बीच बढ़ती जनसंख्या संतुलन बिगाड़ सकती है। उन्होंने इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों से गंभीरता से विचार करने की अपील की।
