द्वितीय चरण के चुनाव एवं बंगाल की राजनीतिक संस्कृति की रक्षा के संबंध में प्रदेश अध्यक्ष श्री समिक भट्टाचार्य की प्रेस वार्ता।
आज भाजपा के साल्टलेक कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री समिक भट्टाचार्य ने द्वितीय चरण के चुनाव के बाद की स्थिति पर पार्टी का दृष्टिकोण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण की तरह ही आम जनता ने आज के चुनाव में स्वस्फूर्त भागीदारी की और तृणमूल कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ मतदान किया। पहाड़ से लेकर सागर तक आज जो जनसैलाब देखने को मिला, वह इस बात का प्रमाण है कि बंगाल की जनता भयमुक्त होकर परिवर्तन के लिए मतदान कर रही है। तृणमूल के लंबे समय के कुशासन और राजनीतिक दबंगई के खिलाफ आज जनता एकजुट हो गई है। 90 प्रतिशत से अधिक मतदान इस बात का संकेत है कि जनता का इस व्यवस्था पर अब विश्वास नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल की पारंपरिक रवींद्र-नजरुल संस्कृति को नष्ट कर विभाजन की संस्कृति थोपने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “आज बंगाली अपनी खोई हुई अस्मिता को वापस पाने और बंगाल की वास्तविक राजनीतिक संस्कृति की रक्षा के लिए मतदान कर रहा है।”
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के केंद्रीय बलों को लेकर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना करते हुए श्री समिक भट्टाचार्य ने कहा, “निर्वाचन को स्वतंत्र, शांतिपूर्ण और रक्तपात रहित बनाना आयोग की जिम्मेदारी है। केंद्रीय बल उसी दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का सुबह 7 बजे से सड़कों पर उतरना भाजपा की नैतिक जीत है। उन्होंने समझ लिया है कि खेल समाप्त हो चुका है।”
प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षक नियुक्ति में भ्रष्टाचार, हजारों योग्य अभ्यर्थियों की नौकरी छीनने तथा लैंड जिहाद या घुसपैठ जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा, “यह चुनाव अस्तित्व की रक्षा का चुनाव है। 26,000 नौकरियों के छिन जाने और 4 प्रतिशत लोगों के जीवन से खिलवाड़ के खिलाफ बंगाल की जनता ने ईवीएम के माध्यम से जवाब दिया है।”
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने दावा किया कि राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस निश्चित रूप से राजनीतिक अवसान की ओर बढ़ रही है। 4 जून के परिणाम पश्चिम बंगाल में स्वच्छ राजनीति के एक नए युग की शुरुआत करेंगे और जनता की जीत सुनिश्चित होगी।
