• Thu. Aug 13th, 2026

Chanakya News India

News Broadcast Live TV

बंगाल में भाजपा को TMC से 32 लाख ज्यादा वोट:SIR से हर सीट पर 30 हजार वोटर हटे, 176 सीटों पर इतने ही मार्जिन से जीत

ByAshok Mishra

May 6, 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को एकतरफा जीत मिली है। भाजपा को 207 और टीएमसी को 80 सीटें मिली हैं। भाजपा को कुल 2 करोड़ 92 लाख 24 हजार 804 वोट मिले हैं। तृणमूल कांग्रेस को 2 लाख 60 हजार 13 हजार 377 वोट मिले हैं।

BJP को TMC से 32 लाख 11 हजार 427 ज्यादा वोट मिले हैं। यानी 293 सीटों के हिसाब से भाजपा को हर सीट पर औसत 10,960 वोट ज्यादा मिले।

राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से कुल 91 लाख वोट कटे। यानी हर सीट पर औसतन 30 हजार वोटरों के नाम काटे गए। कुल 293 सीटों में से 176 पर जीत का अंतर 30 हजार से कम और 117 सीटों पर 30 हजार से अधिक रहा। ऐसे में TMC अब चुनाव नतीजों को कोर्ट में चुनौती दे सकती है।

  • बंगाल में 30 हजार से कम मार्जिन पर जीत वाली 176 सीटों में भाजपा की 128 सीटें हैं। वहीं, 30 हजार से ज्यादा मार्जिन पर जीत वाली 117 सीटों में भाजपा की 79 सीटें हैं। तृणमूल की 44 सीटों पर जीत का मार्जिन 30 हजार से कम और 36 सीटों पर 30 हजार से अधिक रहा है।
  • 2021 में भाजपा की 77 में से 72 सीटों पर जीत का मार्जिन 30 हजार से कम था। प्रतिशत में देखें तो भाजपा ने इस बार 62% सीटें 30 हजार से कम ​मार्जिन पर जीतीं, जबकि 2021 में ऐसी 93.5% थीं।
  • साल 2021 में 121 सीटों पर तृणमूल की जीत का अंतर 30 हजार से कम था और 94 पर 30 हजार से ज्यादा। यानी बहुमत वाले दल के लिए ये आंकड़े ट्रेंड दर्शाते हैं। इस बार भाजपा की 25 सीटें ऐसी हैं, जहां हटाए या अयोग्य घोषित मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से अधिक है।

SC ने कहा था- वोटों की संख्या जीत के अंतर से कम पर दखल नहीं देंगे

SIR को लेकर ममता सरकार की याचिका पर हाल में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर हटाए गए वोटों की संख्या जीत के अंतर से कम है, तो कोर्ट दखल नहीं देगा। क्योंकि उन वोटों के होने या न होने से रिजल्ट पर असर नहीं पड़ता।’ कोर्ट ने कहा कि दखल तब देंगे जब यह दिखाया जा सके कि हटाए गए वोट इतने अधिक थे कि वे जीत-हार के अंतर को बदल सकते थे।

इस उदाहरण से आसानी से समझिए… मान लीजिए विजेता को 1 लाख वोट मिले और निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 95 हजार वोट तो मार्जिन हुआ 5 हजार वोट। अगर हटाए गए वोट 5 हजार से कम हैं तो असर नहीं। लेकिन ज्यादा हैं तो नतीजों पर असर संभव।

श की 78% आबादी और 72% भूभाग पर अब भाजपा+ का राज

गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे।

बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं। इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया। केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी। अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है।श्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी।ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी।

By Ashok Mishra

Ashok Mishra is the Editor-in-Chief of Chanakya News India, a Hindi digital news platform established in 2012. The organization focuses on delivering verified breaking news, live news coverage, crime, entertainment, business, technology, and regional updates across India. Address: FNG vihar 2 sector 121 Gautam budhnagar Uttar pradesh, India Email -mpcgchanakyanewsindia@gmail.com Phone– +91 9315744968