एटा जलेसर (एटा)। प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील जलेसर के अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने इस नई व्यवस्था को आम जनता एवं अधिवक्ता समुदाय के हितों के प्रतिकूल बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। धरने के कारण तहसील परिसर में सामान्य कार्य प्रभावित रहे, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए दूर-दराज से आए अनेक वादकारी एवं आम नागरिक निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हुए।
धरना स्थल पर आयोजित सभा में अधिवक्ताओं ने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था में कई तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयाँ हैं, जिनके कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अधिवक्ताओं एवं आम जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था की समीक्षा करने तथा आवश्यक सुधार किए जाने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार वाजिद अली को सौंपा। ज्ञापन में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से उत्पन्न हो रही समस्याओं का उल्लेख करते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर उचित समाधान कराने की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम जनता के हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव, सचिव जी.एस. यादव, रमेश पाल सिंह, गोवर्धन सिंह राजपूत, सुनील यादव, सुनील दीक्षित, जेपी सिंह, कमलेश सारस्वत सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
