कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में दावा किया कि पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में सवा लाख छात्रों ने सुसाइड किया है। खड़गे ने कहा- 12 साल में पहली बार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ। सरकार ने पेपर लीक और प्रदर्शन के दौरान छात्रों की बात नहीं सुनी। बाद में जेपी नड्डा ने उन्हें बुलाया। ये पहले हो गया होता तो छात्रों को लाठी नहीं खानी पड़ती।
खड़गे ने कहा- पेपर लीक से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन बिल में कुछ नया नहीं है। सिर्फ आंकड़े बदले हैं। इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। पेपर चुराने वाले बचते रहेंगे। छात्र पिटते रहेंगे।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़ा बिल पेश किया। लोकसभा में बुधवार को करीब 7 घंटे बहस के बाद पेपर लीक से जुड़ा बिल पारित हुआ था। बिल में पेपर लीक की जांच 2 माह में पूरी करने का प्रावधान है।
दोषियों को 10 साल तक जेल और संगठित अपराध के मामलों में 10 करोड़ रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। बिल राज्यसभा में से पास होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
