भागवत कथा श्रवण से मनुष्य को मिलती है आध्यात्मिक शांति: पंडित घनश्याम ओझा
भाटपार रानी (देवरिया)। भाटपार रानी विकास खंड के भिंगारी बाजार में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के प्रथम दिन बुधवार की रात भक्तिमय वातावरण में कथा का शुभारंभ हुआ। कथा वाचक पंडित घनश्याम ओझा ने अपने ओजस्वी संबोधन के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा से अवगत कराया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और धर्म के मार्ग पर चलने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कथा वाचक पंडित घनश्याम ओझा ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सदाचार, प्रेम, करुणा और भक्ति की राह दिखाने वाला दिव्य ग्रंथ है। इसके श्रवण से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है तथा जीवन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है। भागवत कथा मनुष्य को अहंकार, मोह और सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर ईश्वर की शरण में जाने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके उपदेशों में जीवन की प्रत्येक समस्या का समाधान निहित है। भागवत कथा का श्रवण तभी सार्थक होता है, जब मनुष्य उसमें निहित संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करे और सत्य, धर्म तथा सदाचार के मार्ग पर चले।
कथा के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया। आयोजन स्थल पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के आयोजन से क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति की लहर देखने को मिली। यहां प्रमुख रूप से मुख्य यजमान वीर बहादुर सिंह,ऊषा किरण, सुरेंद्र सिंह टुनटुन, बृजेन्द्र सिंह, जितेंद्र सिंह, डॉ अरविंद सहाय,सुरेश तिवारी,डॉ अभय प्रताप सिंह,सूरज सिंह सेंगर, वीरेंद्र सिंह, डॉ अरविंद कुशवाहा, अमरेन्द्र सिंह, सर्वेंद्र सिंह, विशंभर कुशवाहा, शौर्य वीर सिंह, राजकुमार गोंड,मूरत यादव, ओमप्रकाश पटेल,संजय कुशवाहा, अजीत शाही सहित तमाम श्रोता उपस्थित थे।
