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राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन- विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका

चंद्र प्रकाश पुरोहित ब्यूरो जैसलमेर कि रिपोर्ट
जयपुर (राजस्थान)

राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन- विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका, पुलिस प्रशिक्षण के नवाचारों ने प्रदेश को दिलाई राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान, राष्ट्र सेवा के समर्पित भाव से पुलिसिंग को बनाएं मजबूत – मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा –

युवा दिवस पर नई पीढ़ी को दें नए कानूनों की जानकारी, कराएं थानों की विजिट – राजस्थान पुलिस अकादमी को मिला देश में उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थान का दर्जा – दो वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार, वर्ष 2023 के मुकाबले अपराधों में 15 प्रतिशत की आई कमी

राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन- विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका
राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन- विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका
राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन- विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका
राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन- विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका
राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन- विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका
राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन- विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका

जयपुर, 8 जनवरी।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सुदृढ़ कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने औपनिवेशिक मानसिकता से बनाए गए पुराने कानूनों को बदलकर तीन नए कानून बनाए हैं। उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिता में त्वरित न्याय की अवधारणा से लोगों का विश्वास और मजबूत हो रहा है।

श्री शर्मा गुरुवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में ‘विकसित भारत में पुलिस व्यवस्था’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश की कानून व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2023 के मुकाबले अपराधों में 15 प्रतिशत, हत्या के प्रकरणों में 25 प्रतिशत, लूट के प्रकरणों में 50 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं महिला अत्याचार में 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध अत्याचार में 28 प्रतिशत की कमी आई है।

 

युवा दिवस पर विद्यार्थियों को कराएं थानों की विजिट

मुख्यमंत्री ने कहा देश में लागू हुए तीनों नए कानूनों के क्रियान्वयन के तहत प्रदेश में चरणबद्ध रूप से 7 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में जांच एफएसएल के माध्यम से कराने के लिए थानों को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, एफआईआर, ई-एफआईआर और चार्जशीट के ई-रिकॉर्ड अपडेट से लेकर अदालत के निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है।

श्री शर्मा ने कहा कि आने वाले युवा दिवस (12 जनवरी) पर विद्यार्थियों को थाने की विजिट करवाएं और थानों की कार्यप्रणाली तथा नये कानूनों से उन्हें अवगत करवाएं। नई पीढ़ी को विद्यार्थी जीवन में ही नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, पुलिसिंग आदि की जानकारी दी जाए।

संगठित अपराधों पर लगे अंकुश, सोशल मीडिया गतिविधियों की हो स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठित अपराध को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा इन पर पूरी तरह अंकुश लगाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी गैंगस्टर्स के लिए की जाने वाली पोस्ट की स्क्रीनिंग कर ऐसे लोगों की निगरानी और समझाइश की जाए। साथ ही, उन्होंने नशे की रोकथाम एवं नशे की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस द्वारा साइबर अपराध के विरूद्ध की जा रही कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आमजन का यह विश्वास बहाल रखना हमारी जिम्मेदारी है।

बेहतर कानून व्यवस्था से प्रदेश में बना निवेश का वातावरण

श्री शर्मा ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। किसी भी प्रदेश में विकास एवं निवेश सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के बिना संभव नहीं है। हमारी सरकार ने पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया। समिट के दौरान हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेश का सुरक्षित वातावरण बना है।

पुलिस कल्याण के लिए उठाए गए बेहतर कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पुलिस बल को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठा रही है और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है। हम पुलिस आधुनिकीकरण व संबंधित आधारभूत संरचना के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड गठित करने जा रहे हैं। इसी तरह 350 करोड़ रुपये की लागत से सरदार पटेल सेंटर फॉर साइबर कंट्रोल रूम एवं राजस्थान पुलिस तकनीकी प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने कांस्टेबल से सहायक उप निरीक्षक स्तर तक के कार्मिकों के वर्दी भत्ते एवं पुलिस निरीक्षक तक के अधिकारियों के मैस भत्तों में बढ़ोतरी की है। साथ ही, पुलिस को और अधिक प्रभावी एवं कार्यदक्ष बनाने हेतु करीब 60 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की गई हैं।

पुलिसिंग में अपनाएं सरकार और समाज का समग्र दृष्टिकोण

श्री शर्मा ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए पुलिस को रचनात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण वाले व्यक्तियों एवं समूहों से जुड़ने के लिए तंत्र विकसित करना चाहिए। साथ ही, उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को समय-समय पर प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के प्रत्येक वर्ग को त्वरित न्याय दिलवाने हेतु पुलिसिंग के साथ संवेदनशीलता भी अपनाएं।

खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण में हो प्रौद्योगिकी का उपयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी और एआई का उपयोग खूफिया सूचनाओं के विश्लेषण में किया जाना चाहिए। पुलिस प्रशिक्षण के महत्व को देखते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को अपने कनिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रति वर्ष 100 घंटे समर्पित करने चाहिए। 10 वर्ष से अधिक सेवा अनुभव वाले पुलिस अधिकारियों को एक-एक पुलिस स्टेशन को गोद लेना चाहिए।

गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में प्रदेश में आमजन का विश्वास बढ़ा है, अपराधियों में भय का माहौल बना है और पुलिस विभाग ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आई है तथा आंतरिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटते हुए राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।

महानिदेशक पुलिस (डीजीपी) श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बेहतर पुलिसिंग के लिए समर्पित भाव से कार्य किए जा रहे हैं। पुलिस को अपने दायित्वों को सार्थक बनाते हुए नवाचार को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के दौरान साइबर अपराध, महिला सुरक्षा में प्रौद्योगिकी का उपयोग, मादक पदार्थ व अपराधों पर नियंत्रण तथा पुलिस सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ई-विजिटर्स पोर्टल एवं ई-जीरो एफआईआर का शुभारम्भ एवं राजस्थान पुलिस प्राथमिकता-2026 पुस्तिका का विमोचन किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए. सावंत, पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण एवं यातायात श्री अनिल पालीवाल, निदेशक राजस्थान पुलिस अकादमी श्री संजीब कुमार नर्जरी सहित पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्थान पुलिस अकादमी का देश में प्रथम स्थान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण के नवाचारों ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार के उपक्रम क्षमता संवर्धन आयोग द्वारा राजस्थान पुलिस अकादमी को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिया गया है। यह अकादमी सभी राज्यों के पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्राप्त करने वाली प्रथम अकादमी बनी है। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि इसी समर्पित भाव से राष्ट्र एवं समाज की सेवा करते हुए पुलिसिंग को मजबूत करें और नई आपराधिक न्याय प्रणाली के क्रियान्वयन में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाएं।

By Ashok Mishra

Ashok Mishra is the Editor-in-Chief of Chanakya News India, a Hindi digital news platform established in 2012. The organization focuses on delivering verified breaking news, live news coverage, crime, entertainment, business, technology, and regional updates across India. Address: FNG vihar 2 sector 121 Gautam budhnagar Uttar pradesh, India Email -mpcgchanakyanewsindia@gmail.com Phone– +91 9315744968