सात मई को जन्मे नवजात की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और परिजनों से कथित रूप से अनावश्यक धनराशि मांगने के आरोपों के बाद प्रशासन ने न्यू लाइफ मैटरनिटी एंड चाइल्ड केयर सेंटर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। किसान यूनियन (असली अराजनैतिक संगठन) के जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह यादव की शिकायत पर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने डॉक्टर कॉलोनी, मुरादाबाद रोड स्थित अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन जांच की। जांच के दौरान अस्पताल की कई व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए।
शिकायत के अनुसार सात मई की रात करीब नौ बजे नवजात का जन्म हुआ था। आरोप है कि उपचार के दौरान बच्चे को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद देर रात करीब 1:30 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि बच्चे का शव सौंपने से पहले अस्पताल प्रबंधन ने अनावश्यक धनराशि की मांग की। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत प्रशासन से की गई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में मरीजों की आपातकालीन आवाजाही के लिए अलग इमरजेंसी गेट और रैंप की व्यवस्था नहीं मिली। इस पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से संबंधित अभिलेख तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल में कार्यरत सभी चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ का विस्तृत विवरण, सात मई की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल की भूमि का स्वीकृत मानचित्र तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अस्पताल प्रबंधन ने इन दस्तावेजों को उपलब्ध कराने के लिए सात से आठ दिन का समय मांगा है।
निरीक्षण के संबंध में प्रशासन की ओर से बताया गया कि 04 जुलाई 2026 को प्राप्त शिकायत के क्रम में डॉक्टर कॉलोनी, मुरादाबाद रोड स्थित न्यू लाइफ मैटरनिटी एंड चाइल्ड केयर सेंटर का निरीक्षण किया गया। अस्पताल संचालक डॉ. सरताज को अस्पताल से संबंधित सभी अभिलेख कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल की जांच अभी जारी है और अभिलेख प्रस्तुत होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल संचालक डॉ. मोहम्मद सरताज ने कहा कि गंभीर मरीजों के मामलों में अक्सर इस प्रकार के आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन जांच में पूरा सहयोग करेगा और प्रशासन द्वारा मांगे गए सभी अभिलेख निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में अस्पताल प्रबंधन मांगे गए दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नवजात की मौत पर अस्पताल पर प्रशासन का शिकंजा सिटी मजिस्ट्रेट की जांच में इमरजेंसी गेट और रैंप नहीं मिला, सीसीटीवी फुटेज, स्टाफ का ब्योरा व स्वीकृत मानचित्र तलब
