क्षेत्र में कुंभ मेला 2027 के साथ कावड़ यात्रा
के लिए कार्य गतिमान है। सबसे बड़ी चिंता NHAI के गतिमान कार्यों की है जिनकी रफ्तार धीमी है।
यही हाल हरिद्वार बाई पास मार्ग का है
शुक्र है कि उत्तराखंड में इस बार मानसून देरी से
आया है और मानसून की रफ्तार बहुत धीमी रही है ,
अन्यथा हालत कुछ ओर होते। सुखद स्थिति यह है
जिले के दोनों शीर्ष अधिकारी कावड़ यात्रा को
लेकर बहुत सजग हैं ,ओर पैनी नजर रखे हुए हैं।
और सुखद पहलू यह है कि लगभग 14/15 दिनों तक दिनरात चलने वाली उत्तर भारत की सबसे बड़ी
कावड़ यात्रा की बागडोर जिले के मिजाज को अच्छी
तरह से जानने वाले अधिकारी संभाल रहे हैं।
उम्मीद है कि कावड़ यात्रा उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती
जिलो के अधिकारियों से बेहतर समन्वय के
साथ शुरू हो कर यादगार सफल यात्रा होगी।
