लगातार बारिश के बीच त्रिवेणी नहर के बाएं तटबंध पर कई कटाव बिंदुओं का निरीक्षण, अधिकारियों को 24×7 निगरानी, नाइट पेट्रोलिंग और तत्काल मरम्मत के सख्त निर्देश
रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर श्यामल प्रतीक
भारत-नेपाल सीमा पर लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा के कारण तिलावे नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे रक्सौल अनुमंडल के अंतर्गत त्रिवेणी नहर प्रमंडल क्षेत्र के तटबंधों पर दबाव बढ़ने लगा है। पिछले वर्षों में बाढ़ की विभीषिका झेल चुके इस इलाके में प्रशासन ने समय रहते सतर्कता बढ़ा दी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव ने स्वयं अनुमंडल पदाधिकारी रक्सौल के साथ नेपाल के अधिग्रहण क्षेत्र तथा त्रिवेणी नहर प्रमंडल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान त्रिवेणी नहर शाखा के बाएं तटबंध पर कई संवेदनशील कटाव स्थलों का जायजा लिया गया और संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रमंडल के अभियंता सभी तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करें। नाइट पेट्रोलिंग की प्रभावी व्यवस्था की जाए तथा जहां भी कटाव या क्षति दिखाई दे, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि तटबंधों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि रक्सौल एवं आसपास के सीमावर्ती क्षेत्र लगभग हर वर्ष बाढ़ की मार झेलते हैं। तिलावे सहित कई नदियों का उफान हजारों परिवारों की आजीविका, कृषि भूमि और आवागमन को प्रभावित करता है। ऐसे में प्रशासन की यह सक्रियता संभावित आपदा से पहले राहत और बचाव की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी रक्सौल, कार्यपालक अभियंता त्रिवेणी नहर प्रमंडल रक्सौल, अधीक्षण अभियंता तिरहुत नहर अंचल रक्सौल तथा संबंधित कनीय अभियंता भी उपस्थित रहे।
सीमा क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब मौसम और नदियों के जलस्तर पर टिकी हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो प्रशासन के लिए चुनौती और बढ़ सकती है। ऐसे में समय रहते की गई निगरानी और त्वरित कार्रवाई ही संभावित बाढ़ से जन-धन की सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार होगी।
