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*एनएच-731 के जनहित मुद्दों पर केंद्र सरकार का त्वरित संज्ञान*

BySantosh Kumar Pandey

Jul 30, 2026

*नितिन गडकरी के पत्र से लम्भुआ में जगी समाधान की उम्मीद, सेवार्थम फाउंडेशन ने जताया आभार*

*दो टोल प्लाजा और कम ऊँचाई वाले पुलों के मुद्दे पर कार्रवाई शुरू, क्षेत्रवासियों ने कहा— जनहित की जीत*

लम्भुआ, सुलतानपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-731 पर 60 किलोमीटर से कम दूरी पर स्थित दो टोल प्लाजा तथा बड़े पुलों एवं अंडरपास की कम ऊँचाई से जुड़ी जनसमस्याओं को लेकर सेवार्थम फाउंडेशन की पहल रंग लाती दिखाई दे रही है। फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भेजे गए ज्ञापन पर मंत्रालय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित कर दिया है।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 28 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि सेवार्थम फाउंडेशन के पत्रांक SF/2026/ORG/112 (दिनांक 27 जुलाई 2026) के माध्यम से उठाए गए मुद्दे प्राप्त हो गए हैं और उन्हें आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है।

मंत्री के इस त्वरित उत्तर के बाद सेवार्थम फाउंडेशन ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम जनसरोकारों के प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का परिचायक है। फाउंडेशन की ओर से भेजे गए धन्यवाद पत्र में विश्वास जताया गया है कि मंत्रालय के मार्गदर्शन एवं अधिकारियों की सक्रियता से राष्ट्रीय राजमार्ग-731 से जुड़े दोनों टोल प्लाजा, कम ऊँचाई वाले पुलों और अंडरपास की समस्या का शीघ्र समाधान होगा।

डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि इन समस्याओं के कारण क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों, परिवहन संचालकों और आम यात्रियों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय होता है तो न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि लम्भुआ सहित पूरे सुलतानपुर क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।फाउंडेशन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर उनकी तत्परता आम नागरिकों का विश्वास मजबूत करती है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें संबंधित अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे लंबे समय से चली आ रही इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सके।