सुल्तानपुर के विकासखंड लंभुआ के कंपोजिट विद्यालय खुदौली की स्थिति बेहद आश्चर्यजनक बनी हुई है। विद्यालय परिसर में फैली गंदगी, जलभराव, बाउंड्री वॉल न होने से और जर्जर मूलभूत सुविधाओं ने शासन की स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्यालय के रसोईघर (मिड-डे मील किचन) तक पहुंचने का कोई समुचित रास्ता नहीं है। रसोईघर के चारों ओर पानी, कीचड़ और ऊंची-ऊंची घास उगी हुई है, जिससे रसोइयों और कर्मचारियों को भोजन तैयार करने के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों के भोजन की स्वच्छता पर भी प्रश्नचिह्न लग जाता है।
विद्यालय परिसर में जगह-जगह गंदगी और झाड़ियां फैली हुई हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि लंबे समय से परिसर की समुचित साफ-सफाई नहीं कराई गई है। परिसर का वातावरण न केवल अस्वच्छ है बल्कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर रहा है।
विद्यालय में केवल एक स्वच्छ शौचालय है, लेकिन वह भी वर्तमान में जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। वहीं, दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बनाए गए दिव्यांग शौचालय पर ताला लटका हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह उपयोग में नहीं है। इससे दिव्यांग बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
विद्यालय की बाउंड्रीवाल ना होने से,जिससे विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। खुले परिसर में आवारा पशुओं और बाहरी लोगों के प्रवेश की संभावना बनी रहती है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने विद्यालय की बदहाल स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, साफ-सफाई, रसोईघर तक पक्का रास्ता, शौचालयों की मरम्मत तथा टूटी बाउंड्री वॉल का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पड़ेगा।
कंपोजिट विद्यालय खुदौली की व्यवस्था बदहाल रसोईघर तक जाने का रास्ता नहीं, गंदगी और जर्जर शौचालय
