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एस रहमान।टोंक/नगरफोर्ट।माण्डकला में कीर-कहार-केवट समाज का चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न, 18 जोड़े बने हमसफर।

ByAshok Mishra

Jun 28, 2026

दिनभर चली भोजन व्यवस्था, समाज ने निभाई मेहमाननवाजी; आयोजकों का झुकाव राजनीतिक कार्यक्रमों की ओर रहा।

नगरफोर्ट।माण्डक ऋषि की तपोभूमि माण्डकला (मिनी पुष्कर), नगरफोर्ट में गुरुवार 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर कीर-कहार-केवट स्वजातीय समाज का चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न हुआ। 18 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परिणय सूत्र में बंधकर जीवनभर साथ निभाने के संकल्प के साथ विदा हुए।
कलश यात्रा व भजन संध्या से हुई शुरुआत बुधवार 24 जून को प्रातः 8 बजे कचहरी चौक से माण्डकला तक कलश यात्रा निकाली गई। सायंकाल विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ जिसमें भक्तों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। गुरुवार को प्रातः 8 बजे निकासी, 10 बजे से प्रीतिभोज, 11:30 बजे पाणिग्रहण संस्कार व सायं 5 बजे विदाई संपन्न हुई।
विद्वान पंडितों ने कराए फेरे फेरे की रस्म विद्वान पंडित तेजप्रकाश भंडारी के साथ उनके सहयोगी पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूरी करवाई गई। दिनभर भोजन व्यवस्था, शानदार मेहमाननवाजी विवाह सम्मेलन में दिनभर भोजन व्यवस्था चालू रही जिसमें दूर-दराज से आए मेहमानों ने भोजन का लुत्फ उठाया। स्थानीय समाज के लोगों ने कार्यक्रम में अपनी ओर से पूरा सहयोग प्रदान किया और मेहमाननवाजी में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी। दहेज में दिया घरेलू सामान आयोजकों द्वारा सभी वर-वधुओं को दहेज के रूप में आवश्यक घरेलू सामान भेंट किया गया। इसमें सिंगल बेड, रजाई-गद्दा, तकिया, बर्तन, अलमारी, कूलर, पंखा, चांदी के पाजेब, सिलाई मशीन, दीवार घड़ी व कलाई घड़ी सहित 21 बर्तन शामिल थे। दूर-दराज क्षेत्र से पहुंचे समाजबंधु सम्मेलन में टोंक, बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर समेत दूर-दराज क्षेत्र से कीर समाज के स्वजातीय बंधु शामिल हुए। इस दौरान समाज के आर्थिक, सामाजिक व शैक्षणिक उत्थान पर चर्चा की गई। 400 भामाशाहों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सहयोग करने वाले 400 से अधिक भामाशाहों का सम्मान किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि 5100 रुपये, 11000 रुपये व इससे अधिक दान देने वाले दानदाताओं के नाम मंदिर परिसर में शिला लेख पर अंकित किए जाएंगे।
विवाह सम्मेलन के दौरान आयोजकों की रुचि विवाह संबंधी व्यवस्थाओं की अपेक्षा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने में अधिक रही, जिसको लेकर समाज के कुछ लोगों में चर्चा रही। नियमों के साथ आयोजन एक ही माता-पिता की तीन संतान का सम्मेलन में विवाह करने पर एक संतान का विवाह निःशुल्क कराया गया। माता-पिता न होने पर भी निःशुल्क विवाह का प्रावधान रखा गया। कार्यक्रम में नशा कर आना पूर्णतः वर्जित रहा। बाहर से आए मेहमानों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की खूब सहराना की। आस-पास के गांवों के सकल पंचों के परामर्श से आयोजित इस सम्मेलन में समाज के होनहार बालक-बालिकाओं को भी सम्मानित किया गया।

By Ashok Mishra

Ashok Mishra is the Editor-in-Chief of Chanakya News India, a Hindi digital news platform established in 2012. The organization focuses on delivering verified breaking news, live news coverage, crime, entertainment, business, technology, and regional updates across India. Address: FNG vihar 2 sector 121 Gautam budhnagar Uttar pradesh, India Email -mpcgchanakyanewsindia@gmail.com Phone– +91 9315744968

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