*बारिश बनाम रोजगार: भीगते हुए मजदूरों ने किया काम या सिर्फ ऑनलाइन हाजिरी*?
*35 कार्यस्थल, 102 मस्टर रोल और 827 मानव-दिवस, बारिश के बीच भी चला ग्रामीण रोजगार*
*दिनभर रुक-रुक कर बरसते रहे बादल, फिर भी VB-G RAM G के आंकड़े बोले–827 मानव-दिवस*
*गरीबी की मजबूरी या व्यवस्था की सच्चाई? बारिश में भी मजदूरी के आंकड़ों ने खड़े किए सवाल*
सुल्तानपुर। जनपद में गुरुवार 6 अगस्त 2026 को देर रात से लेकर पूरे दिन रुक-रुक कर हुई बारिश के बीच भी विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) के तहत कार्य जारी रहने का दावा आधिकारिक NMMS पोर्टल के आंकड़ों से सामने आया है। पोर्टल पर रात 9:00 बजे तक अपडेट आंकड़ों के अनुसार जनपद में 35 कार्यस्थलों (Works), 102 मस्टर रोल के माध्यम से 827 मानव-दिवस (Persondays) सृजित किए गए।
*ब्लॉकवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बल्दीराय सबसे आगे रहा, जहां 8 कार्य, 33 मस्टर रोल और 298 मानव-दिवस दर्ज किए गए। इसके बाद धनपतगंज में 10 कार्य, 31 मस्टर रोल और 257 मानव-दिवस, जबकि लंभुआ में 2 कार्य, 14 मस्टर रोल और 134 मानव-दिवस दर्ज हुए*।
*अन्य ब्लॉकों में अखंड नगर में 2 कार्य, 3 मस्टर रोल, 16 मानव-दिवस, भदैया में 3 कार्य, 3 मस्टर रोल, 8 मानव-दिवस, दूबेपुर में 3 कार्य, 4 मस्टर रोल, 8 मानव-दिवस, जैसिंहपुर में 1 कार्य, 1 मस्टर रोल, 5 मानव-दिवस, कादीपुर में 1 कार्य, 1 मस्टर रोल, 6 मानव-दिवस, करौंदी कला में 1 कार्य, 2 मस्टर रोल, 15 मानव-दिवस, कुरेभार में 3 कार्य, 9 मस्टर रोल, 79 मानव-दिवस तथा कुड़वार में 1 कार्य, 1 मस्टर रोल और 1 मानव-दिवस दर्ज किया गया*।
*दिनभर बारिश होने के कारण अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मजदूर वास्तव में भीगते हुए कार्यस्थलों पर काम कर रहे थे, या फिर कहीं ऐसे स्थान भी रहे जहां मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो गई*।
*इस संबंध में वास्तविक स्थिति का पता मौके पर जांच के बाद ही चल सकेगा*।
यदि मजदूरों ने प्रतिकूल मौसम में भी काम किया है तो यह उनकी आर्थिक मजबूरी और परिवार के भरण पोषण की विवशता को भी दर्शाता है। दो वक्त की रोटी के लिए बारिश में भी मजदूरी करने की स्थिति ग्रामीण गरीबों की कठिन जिंदगी की तस्वीर सामने रखती है।
अब आवश्यकता इस बात की है कि संबंधित विभाग कार्यस्थलों का भौतिक सत्यापन कर यह सुनिश्चित करे कि जहां-जहां मानव-दिवस दर्ज हुए हैं, वहां वास्तव में कार्य हुआ था या नहीं। साथ ही यदि मजदूरों ने विपरीत मौसम में कार्य किया है तो उनके लिए आवश्यक सुरक्षा और सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
