स्थान-सुलतानपुर उत्तर प्रदेश, रिपोर्ट-संतोष कुमार पाण्डेय, विशेष सम्वाददाता चाणक्य न्यूज इंडिया
*पूर्व प्राचार्य अब भी पद पर है तैनात, आरटीआई समेत कई अहम जानकारियां महीनों से नहीं हुई *
* जनपद में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में अंधेर नगरी चौपट राजा जैसी कहावत चरितार्थ हो रही है। जिसका उदाहरण यह है कि डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के दौर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, सुलतानपुर की आधिकारिक वेबसाइट खुद ही अद्यतन जानकारी देने में नाकाम दिखाई दे रही है। हालात यह हैं कि वेबसाइट के “Principal’s Message” अनुभाग में आज भी भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व प्राचार्य डॉ. सलिल कुमार श्रीवास्तव का नाम, फोटो और संदेश प्रदर्शित हो रहा है, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे फरवरी–मार्च 2026 से प्राचार्य पद पर कार्यरत नहीं हैं। यही नहीं, वेबसाइट पर विभिन्न विभागों की फैकल्टी सूची भी वर्तमान स्थिति के अनुरूप अपडेट नहीं है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत नामित जन सूचना अधिकारी (PIO) और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का विवरण प्रदर्शित नहीं है। ऐसे में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन करने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सरकारी संस्थानों की आधिकारिक वेबसाइट आम जनता के लिए प्रमाणिक सूचना का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है। ऐसे में महीनों तक प्रशासनिक और शैक्षणिक जानकारियों का अद्यतन न होना वेबसाइट के रखरखाव और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करता है। यदि वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी ही वास्तविक स्थिति से मेल न खाए, तो पारदर्शिता और सुशासन के दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। जागरूक नागरिकों ने महाविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि वेबसाइट का तत्काल परीक्षण कर वर्तमान प्राचार्य, विभागवार फैकल्टी, लोक सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का विवरण, प्रशासनिक अधिकारियों के नाम, दूरभाष नंबर, ई-मेल पता तथा अन्य सभी पुरानी जानकारियों को संशोधित कर अपडेट कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को सही, प्रमाणिक और अद्यतन जानकारी उपलब्ध हो सके। यह सब होने के बाद भी जनपद और शीर्ष स्तर पर बैठे अधिकारियों के आँखो पर बंधी पट्टी खुलने का नाम नहीं ले रही है…..??!!
