महिलाओं की स्थिति का लिया जायजा, प्रशिक्षण और पुनर्वास व्यवस्था को सराहा; सशक्तिकरण के लिए नई योजनाओं का किया ऐलान
रक्सौल, पूर्वी चंपारण।
समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अंतर्राष्ट्रीय जन सेवा संगठन की टीम ने रक्सौल स्थित महिला सेल्टर होम का दौरा किया। इस दौरान टीम ने वहां निवासरत महिलाओं एवं बच्चियों की स्थिति का गहन अवलोकन किया तथा उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से समझा। भ्रमण के दौरान कई प्रेरक कहानियां सामने आईं, जिन्हें देखकर संगठन के सदस्य भावुक भी हुए।
महिला मोर्चा की अध्यक्ष दीप प्रकाश के नेतृत्व में आयोजित इस निरीक्षण कार्यक्रम में सह-संयोजक मीतू गुप्ता, संगठन प्रभारी मीरा कुशवाहा, सुनीता देवी, कोषाध्यक्ष नीता देवी, सहायक सचिव प्रतिमा देवी, संगीता मिश्रा, रीता देवी, कुमकुम देवी, प्रेम गुप्ता, उपेन्द्र ठाकुर एवं बिकेश कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
भ्रमण के दौरान टीम ने सेल्टर होम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा वहां रह रही महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। साथ ही बच्चियों को दिए जा रहे कौशल विकास, शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया गया। सदस्यों ने इन गतिविधियों को महिलाओं के पुनर्वास और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर स्वच्छ रक्सौल संस्थान के संयोजक रंजीत सिंह ने संगठन के सदस्यों को सेल्टर होम में संचालित विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां महिलाओं को केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित, पीड़ित और जरूरतमंद वर्गों तक सहयोग पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय जन सेवा संगठन की अध्यक्ष दीप प्रकाश ने कहा कि महिला सेल्टर होम आश्रय का केंद्र मात्र नहीं, बल्कि टूटे हुए सपनों को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन चुका है। यहां ऐसी कई महिलाएं हैं, जो कभी प्रताड़ना और उपेक्षा का शिकार थीं, लेकिन आज प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के बल पर सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं।
उन्होंने एक प्रेरणादायक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि एक महिला, जिसने कभी जीवन से उम्मीद छोड़ दी थी, आज प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन चुकी है और प्रतिदिन 500 रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही है। यह दर्शाता है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर महिलाएं न केवल अपना जीवन बदल सकती हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन सकती हैं।
दीप प्रकाश ने कहा कि संगठन महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। आने वाले दिनों में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर, कौशल विकास प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान तथा रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव होगा। हमारा लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक सहायता, सम्मान और अवसर पहुंचाना है।”
कार्यक्रम के अंत में संगठन के सभी सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सेवा एवं मानव कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ऐसे जनहितकारी प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।
