‘हर घर हो स्वस्थ, हर घर हो निरोग’ अभियान बना ग्रामीणों की जीवनरेखा, पूरे वर्ष 150 से अधिक नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों का लक्ष्य
रक्सौल/रामगढ़वा (पूर्वी चंपारण) | चाणक्य न्यूज़ इंडिया
रक्सौल अनुमंडल रिपोर्टर: श्यामल प्रतीक
पूर्वी चंपारण के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई अलख जगाते हुए आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट, लक्ष्मीपुर (रक्सौल) का “हर घर हो स्वस्थ, हर घर हो निरोग” अभियान लगातार जनसेवा की नई मिसाल कायम कर रहा है। गांव-गांव तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क महा स्वास्थ्य जांच शिविर में 160 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जहां कई ऐसे मरीज सामने आए जिन्हें अपनी गंभीर बीमारी की जानकारी तक नहीं थी। समय रहते बीमारी का पता चलने से कई लोगों को संभावित गंभीर खतरे से बचाने की दिशा में यह शिविर उम्मीद की नई किरण साबित हुआ।
रामगढ़वा प्रखंड के दुर्गा नगर, खरकटवा स्थित राज हेल्थ केयर तथा रक्सौल प्रखंड के भरतमही स्थित डॉ. कमल प्रसाद के आवास पर आयोजित शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की व्यापक जांच की। इस दौरान 43 लोगों की ब्लड शुगर जांच, 3 मरीजों की निःशुल्क ईसीजी, सभी मरीजों का रक्तचाप परीक्षण तथा विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
चौंकाने वाले आंकड़े: 551 तक पहुंची ब्लड शुगर, कई मरीज गंभीर खतरे में
शिविर के दौरान स्वास्थ्य जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। एक मरीज का ब्लड शुगर 551 mg/dL पाया गया, जबकि कई अन्य मरीजों का शुगर स्तर 400 से 500 mg/dL के बीच दर्ज किया गया। चिकित्सकों ने ऐसे मरीजों को तत्काल इलाज शुरू करने की सलाह देते हुए बताया कि अनियंत्रित मधुमेह हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेल, आंखों की रोशनी जाने जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया शुभारंभ
रामगढ़वा में आयोजित शिविर का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार सिंह, ट्रस्ट के संरक्षक एवं पूर्व सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र प्रसाद तथा पूर्व मुखिया संजय पांडेय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। अतिथियों ने ट्रस्ट की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
15 वर्षों से निरंतर सेवा, अब पूरे वर्ष 150 से अधिक शिविरों का संकल्प
आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव एवं मेडिकल ऑफिसर डॉ. कुमार मनीष ने बताया कि संस्था पिछले लगभग 15 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। इस वर्ष अभियान को और अधिक व्यापक बनाते हुए पूरे वर्ष 150 से अधिक निःशुल्क महा स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिविर में निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, ब्लड प्रेशर जांच, ब्लड शुगर जांच, ईसीजी सुविधा के साथ-साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं अन्य गैर-संचारी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
हर सप्ताह मिलेगी मुफ्त स्वास्थ्य सेवा
ट्रस्ट ने घोषणा की कि अब स्वास्थ्य सेवा केवल विशेष शिविरों तक सीमित नहीं रहेगी।
प्रत्येक सोमवार सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक रामगढ़वा के राज हेल्थ केयर में नियमित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित होगा।
प्रत्येक मंगलवार सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक रक्सौल प्रखंड के भरतमही स्थित डॉ. कमल प्रसाद के आवास पर भी नियमित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा।
इन शिविरों में मरीजों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, रक्तचाप, ब्लड शुगर तथा हृदय रोगियों के लिए ईसीजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थानीय लोगों के सहयोग से सफल हुआ अभियान
इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने में डॉ. कमल प्रसाद, पूर्व मुखिया संजय पांडेय, संजय कुमार, सोमेश्वर कुशवाहा, वीरेंद्र कुमार (ममता मिहिर), सुजीत कुमार, कुणाल पंडित, चंदन कुमार एवं कन्हैया कुमार सहित अनेक स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीण स्वास्थ्य क्रांति की ओर बढ़ता कदम
आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर स्वस्थ, जागरूक और निरोग समाज का निर्माण करना है। आने वाले दिनों में पूर्वी चंपारण के विभिन्न गांवों में भी नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर हजारों लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा
