बिहार एसटीएफ, वैशाली और पूर्वी चंपारण पुलिस की संयुक्त कार्रवाई • हथियार, लूटी गई बाइक और मोबाइल बरामद • कोर्ट से फरार चल रहा था 18 मामलों का आरोपी
रक्सौल | चाणक्य न्यूज़ इंडिया
भारत-नेपाल सीमा पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बिहार एसटीएफ, वैशाली पुलिस और पूर्वी चंपारण पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में नेपाल भागने की फिराक में छिपे तीन कुख्यात अपराधियों को रक्सौल से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में वैशाली जिले का कुख्यात अपराधी सोनू कुमार उर्फ सोनू डॉन भी शामिल है, जिसके खिलाफ लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट समेत 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, लूटी गई मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 26 जून को वैशाली जिले के राजापाकड़ थाना क्षेत्र में हथियार के बल पर बाइक, मोबाइल फोन और नकदी लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। इस संबंध में राजापाकड़ थाना कांड संख्या 299/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि वारदात में शामिल अपराधी रक्सौल में छिपे हुए हैं और भारत-नेपाल सीमा पार कर नेपाल भागने की तैयारी में हैं।
सूचना मिलते ही पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर हरैया थाना, रक्सौल थाना, बिहार एसटीएफ और वैशाली पुलिस की संयुक्त टीम ने रक्सौल शहर में सघन घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की।
जोकियारी ढाला के समीप पुलिस को देखते ही दो अपराधी भागने लगे। एक को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि दूसरा नहर में कूदकर फरार होने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तीसरे आरोपी को भी घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू कुमार उर्फ सोनू डॉन, विकास कुमार और गोलू कुमार के रूप में हुई है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, लूटी गई मोटरसाइकिल तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद सभी सामान को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सोनू डॉन 18 मई को हाजीपुर कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। तब से वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता फिर रहा था और अंततः रक्सौल में छिपकर नेपाल भागने की योजना बना रहा था। वहीं गिरफ्तार गोलू कुमार के खिलाफ भी पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को संकेत मिले हैं कि तीनों आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात के बाद नेपाल में शरण लेने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि संयुक्त पुलिस कार्रवाई ने उनकी इस योजना को समय रहते विफल कर दिया।
फिलहाल तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस इनके गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियारों के नेटवर्क तथा अन्य लंबित आपराधिक मामलों में संलिप्तता की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर अपराधियों और संगठित अपराध के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
