बलौदाबाजार, 11 सितंबर 2026। उपजेल बलौदाबाजार में निरुद्ध बंदियों में किसी की उम्र 18 वर्ष से कम तो नहीं है, इसकी पड़ताल के लिए विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को जेल परिसर का निरीक्षण किया। समिति ने 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के बंदियों से व्यक्तिगत बातचीत कर उनकी उम्र के साथ-साथ शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी जुटाई।
निरीक्षण के दौरान बंदियों से उनकी आयु संबंधी जानकारी लेने पर सभी ने स्वयं को 18 वर्ष से अधिक उम्र का बताया। हालांकि, समिति की पड़ताल में एक बंदी के नाबालिग होने की आशंका सामने आई। संबंधित जानकारी उपजेल के मुख्य प्रहरी को उपलब्ध कराई गई है, ताकि दस्तावेजों एवं अन्य आवश्यक माध्यमों से उसकी वास्तविक आयु का सत्यापन कराया जा सके।
आयु कम पाए जाने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार यदि आयु सत्यापन में संबंधित बंदी की उम्र 18 वर्ष से कम पाई जाती है, तो उसे नियमानुसार बाल संप्रेक्षण गृह भेजने तथा संबंधित प्रकरण को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि नाबालिगों के मामलों में किशोर न्याय से संबंधित प्रावधानों का पालन हो।
निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रकाश दास, जेल अधीक्षक अभिषेक मिश्रा, विधिक सेवा प्राधिकरण से संजय सोनी, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी मेघा शर्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता टुकेश्वर जगत उपस्थित रहे।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
हिमांशु शुक्ला
बलौदाबाजार-भाटापारा
