मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे में अब तक 13 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। 22 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 3 लोग अब भी लापता हैं। रविवार को तीसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। सेना, NDRF-SDRF समेत करीब 250 लोगों की टीम ऑपरेशन में लगी हुई है। अब जांच का दायरा 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया गया है।
आज सुबह दो और शव मिले। इनकी पहचान पंजाब के दुगरी (लुधियाना) की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई। प्रशासन के मुताबिक, शव फूलकर नदी के ऊपर आ गए थे। रस्सी बांधकर शवों को नाव में खींचा गया और बाहर निकाला। परिजनों ने दोनों की पहचान की। डिंकी BA फाइनल ईयर की छात्रा थी। ऋषभ 12वीं पास था। पिता के काम में हाथ बंटाता था।
हादसे से पहले के 4 वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें श्रद्धालु ढोलक-मंजीरा बजा रहे हैं। भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारे लगा रहे हैं। ‘नजर सांवरे लग न जाए कहीं..’ भजन गा रहे हैं।
इससे पहले, सर्चिंग अभियान के दूसरे दिन यानी शनिवार को पंजाब निवासी मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास से बरामद हुआ था। उनकी सगाई हो चुकी थी और सितंबर में शादी होनी थी। बेटे की लाश देखकर बुजुर्ग पिता फफक पड़े।
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शुक्रवार दोपहर 3 बजे 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई थी। हादसा श्री बांके बिहारी मंदिर से 2 किमी दूर केसी घाट पर हुआ था। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को जेल भेज दिया है। पप्पू ने अपनी नाव में श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था।
हादसे में जिंदा बचे एक युवक ने बताया- नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। हवा करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। पर्यटकों ने कहा कि पुल आने वाला है, नाव रोक लीजिए, लेकिन उसने नहीं सुनी। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई।


