हाईटेक अस्पताल का दावा पानी में बहा, बारिश के बाद परिसर में जलजमाव से मरीज, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी परेशान; संक्रमण का खतरा बढ़ा।
विशेष संवाददाता: श्यामल प्रतीक
चाणक्य न्यूज़ इंडिया | आदापुर
सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर आदापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की नई हाईटेक इमारत तो खड़ी कर दी गई, लेकिन बुनियादी जलनिकासी व्यवस्था के अभाव ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है। कुछ घंटों की बारिश के बाद अस्पताल परिसर घुटनों तक पानी में डूब गया, जिससे मरीजों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर विभिन्न वार्डों तक जलजमाव होने के कारण मरीजों को पानी के बीच होकर इलाज के लिए पहुंचना पड़ा। कई जगहों पर फिसलन की स्थिति बनी रही, जिससे दुर्घटना और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया। स्वास्थ्यकर्मियों को भी ड्यूटी पर आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
विडंबना यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक अस्पताल में एक्स-रे, पैथोलॉजी, जांच और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन जलनिकासी की समुचित व्यवस्था आज भी नहीं हो सकी है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि विकास कार्यों में बुनियादी ढांचे की अनदेखी आखिर क्यों की गई।
अस्पताल से कुछ ही दूरी पर स्थित प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय तक जाने वाले मार्ग पर भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों को रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में यह समस्या हर वर्ष विकराल रूप ले लेती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला गया।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की इमारत तभी सार्थक होगी, जब मरीज बिना किसी परेशानी के सुरक्षित अस्पताल तक पहुंच सकें।
