स्थान-सुलतानपुर उत्तर प्रदेश, रिपोर्ट-संतोष कुमार पाण्डेय, विशेष सम्वाददाता चाणक्य न्यूज इंडिया।
*सुलतानपुर में अब तक सिर्फ 39 शिक्षण संस्थानों ने किया मास्टर डाटा लॉक*
*एक सप्ताह शेष, समय सारिणी में बदलाव नहीं होगा : पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग*
*बिना अंतिम तिथि का इंतजार किए डिजिटल हस्ताक्षर से लॉक करें प्रोफाइल*
सुलतानपुर। जनपद के समस्त दशमोत्तर शिक्षण संस्थानों (कक्षा 11-12 को छोड़कर) के प्रबन्धक, प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को छात्रवृत्ति संबंधी मास्टर डाटा एवं कॉलेज प्रोफाइल लॉक करने के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन द्वारा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार मास्टर डाटा/कॉलेज प्रोफाइल लॉक करने की प्रक्रिया 22 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक निर्धारित है।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सुलतानपुर की ओर से जारी सूचना के अनुसार पोर्टल से प्राप्त विवरण में अब तक जनपद के मात्र 39 शिक्षण संस्थानों द्वारा अपना मास्टर डाटा लॉक किया गया है। अंतिम तिथि में अब बहुत कम समय शेष है। शासन स्तर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस वर्ष निर्धारित समय सारिणी में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा।
विभाग ने शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया है कि मास्टर डाटा में पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम का प्रकार, पाठ्यक्रमवार कुल सीटों की संख्या, सक्षम स्तर से निर्धारित शुल्क तथा पाठ्यक्रमवार एफिलियेटिंग एजेंसी/विश्वविद्यालय आदि सूचनाओं को सही ढंग से अंकित अथवा अद्यतन कर डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित किया जाए।
वहीं प्रदेश में नवीन शिक्षण संस्थाओं को मास्टर डाटाबेस में शामिल होने के लिए संबंधित विश्वविद्यालय अथवा एफिलियेटिंग एजेंसी के माध्यम से आवेदन की कार्यवाही पूरी करनी होगी।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने जनपद के सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों के प्रबन्धक, प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों से कहा है कि बिना अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए अपने विद्यालय का मास्टर डाटा डिजिटल हस्ताक्षर से लॉक कर उसकी एक प्रति जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अथवा जिला समाज कल्याण अधिकारी, सुलतानपुर को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
विभाग ने सभी संस्थानों को समय सारिणी विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने तथा छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रवृत्ति संबंधी कार्यवाही निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो सके।
