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JAISALMER जज बोले- AI न्याय में हेल्प करेगा, फैसला इंसान लेगा

ByAshok Mishra

Dec 15, 2025 #JAISALMER

चंद्र प्रकाश पुरोहित
ब्यूरो JAISALMER रिपोर्ट
JAISALMER जज बोले- AI न्याय में हेल्प करेगा, फैसला इंसान लेगा
JAISALMER कॉन्फ्रेंस में 200 जजेज ने लिया हिस्सा; डिजिटल एविडेंस और टेक्निकल प्रॉब्लम्स पर किया डिस्कशन!
‘डिजिटल प्लेटफॉर्म से अंजान याचिकाकर्ता को वंचित नहीं रख सकते’: CJI ने ज्यूडिशियल कॉन्फ्रेंस में नेशनल डिजिटल पॉलिसी की जताई जरूरत!

JAISALMER वेस्ट जॉन रीजनल कॉन्फ्रेंस का दूसरे दिन समापन, साइबर अपराध, डिजीटल फॉरेंसिक और एआई से होने वाले खतरों पर की गहन चर्चा न्याय को नैतिक व संवैधानिक मूल्यों पर रखना सभी संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी: सीजेआर
जैसलमेर में दो दिवसीय वेस्ट जॉन रीजनल कॉन्फ्रेंस में
राजस्थान उच्च न्यायालय और राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के सहयोग से ‘तकनीक के माध्यम से विधि के शासन को सुदृढ़ करनाः चुनौतियां और अवसर’ विषय पर जैसलमेर में आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस के दूसरे व अंतिम दिन न्याय प्रणाली के सामने उभर कर आ रही तकनीकी चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कॉन्फ्रेंस के चौथे सत्र में साइबर अपराध और डिजिटल फॉरेंसिक पर चर्चा करते हुए न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानतुल्लाह ने न्याय प्रणाली में डिजिटल तकनीक और
कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाने में हिचकिचाहट दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध सीमाहीन होते हैं और अक्सर गंभीर तथा अपूरणीय क्षति के बाद ही सामने आते हैं। उन्होंने डिजिटल फॉरेंसिक, आधुनिक जांच तकनीकों, क्षेत्राधिकार संबंधी जटिलताओं, मध्यस्थों की वैधानिक जिम्मेदारियों, ई-साक्ष्य मैनेजमेंट रूल्स की प्रासंगिकता तथा एआई-जनित सामग्री से उत्पन चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने दो दिनों की व्यापक चर्चाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि न्याय प्रणाली में तकनीकी प्रगति, नैतिक और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित रखना सभी संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा कि तीव्र तकनीकी परिवर्तन के दौर में न्यायपालिका की अनुकूलन क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तकनीक दक्षता बढ़ा सकती है, लेकिन उसे न्याय का विकल्प नहीं, बल्कि उसका साधन ही रहना चाहिए। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार से जुड़े मामलों में न्यायाधीशों के लिए सतत सीखना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि ऐसे अपराध व्यक्तियों को वास्तविक हानि पहुंचाते हैं। मिश्रा ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी
जैसलमेर, कॉन्फ्रेंस में मौजूद जन व राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा।


विदाई के साथ दो दिवसीय सम्मेलन का समापन
सम्मेलन का समापन विदाई समारोह के साथ हुआ। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेंद्रसिंह
भाटी ने धन्यवाद प्रस्तुत किया और सभी प्रतिभागियों तथा आयोजक संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ सम्मेलन का औपचारिक समापन हुआ।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता न्यायिक कार्य में सहायक: न्यायमूर्ति सिंह
अंतिमव 5वें सत्र में ‘न्यायिक निर्णयों की गुणवत्ता सुधारः उभरती और भावी तकनीकें’ विषय पर चर्चा हुई। न्यायमूर्ति एन कोटिस्वर सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता न्यायिक कार्य में सहायक हो सकती है। लेकिन इसे हमेशा मानवीय विवेक, विधिक तर्क और संवैधानिक मूल्यों के अधीन रहना चाहिए।

न्यायमूर्ति मनमोहन ने लंबित मामलों की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि उभरती तकनीक यदि जिम्मेदारी पूर्वक अपनाई जाएं तो न्यायालयों की दक्षता और निर्णय गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार ला सकती हैं। डीप फेक और एआई जनित सामग्री से
जुड़े जोखिमों पर चर्चा करते हुए न्यायमूर्ति अनूप चित्कारा ने बताया कि ऐसी तकनीक साक्ष्य की विश्वसनीयता और जन विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने मेटा डाटा विश्लेषण की महत्ता भी प्रदर्शित की। न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने कहा कि तकनीक अपनाने के साथ-साथ सावधानी, निरंतर निगरानी और संस्थागत समर्थन आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के माध्यम से फॉरेंसिक क्षमता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
दो दिनों के डिस्कशन के बाद, राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्रसिंह भाटी के धन्यवाद के साथ यह कॉन्फ्रेंस खत्म हुई।
इस कॉन्फ्रेंस में देश भर के वेस्टर्न जोन के चार राज्यों के करीब 200 के करीब जजेज ने हिस्सा लिया, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण था चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत का इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होना।

By Ashok Mishra

Ashok Mishra is the Editor-in-Chief of Chanakya News India, a Hindi digital news platform established in 2012. The organization focuses on delivering verified breaking news, live news coverage, crime, entertainment, business, technology, and regional updates across India. Address: FNG vihar 2 sector 121 Gautam budhnagar Uttar pradesh, India Email -mpcgchanakyanewsindia@gmail.com Phone– +91 9315744968