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पुणे में एयरफोर्स के विमान की हार्ड लैंडिंग:करीब 11 घंटे बंद रहा रनवे, 91 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं; सुबह नॉर्मल हो सका ऑपरेशन

ByNews Editor

Apr 18, 2026
पुणे में एयरफोर्स के विमान की हार्ड लैंडिंग:करीब 11 घंटे बंद रहा रनवे, 91 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं; सुबह नॉर्मल हो सका ऑपरेशनपुणे में एयरफोर्स के विमान की हार्ड लैंडिंग:करीब 11 घंटे बंद रहा रनवे, 91 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं; सुबह नॉर्मल हो सका ऑपरेशन

पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग हुई। रात 10:30 बजे हुई इस घटना के बाद रनवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। जिसके कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन करीब 11 घंटे तक प्रभावित रहा।

पुणे एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष धोके ने बताया कि IAF के विमान को सुबह करीब 5.45 बजे रनवे से हटा दिया गया था। लेकिन नोटम का टाइम बढ़ाकर सुबह 9 बजे कर दिया गया था। हालांकि फ्लाइट ऑपरेशन सुबह 7.30 बजे के बाद नॉर्मल हो सका।

IAF ने X पर बताया कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं। रनवे की मरम्मत के बाद उसे फ्लाइट्स के लिए फिट घोषित कर दिया गया। दिन भर में ऑपरेशन सामान्य हो जाएगा।

एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक रनवे बंद रहने के दौरान 5 एयरलाइंस की 91 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी थीं। जबकि 12 फ्लाइट्स को डाइवर्ट कर दिया गया।

इनमें इंडिगो की 65, एअर इंडिया की 6, स्पाइसजेट की 5, अकासा एयर की 5, एअर इंडिया एक्सप्रेस की 10 फ्लाइट्स शामिल थीं।

ज एजेंसी PTI के मुताबिक पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों के बताया कि शुक्रवार रात लगभग 22:25 बजे लड़ाकू विमान लैंडिंग करने वाला था। इस दौरान उसका ‘अंडरकैरेज’ (लैंडिंग गियर यानी पहियों के नीचे का हिस्सा) खराब हो गया था, जिसके कारण वह रनवे पर टकरा गया। इससे रनवे ब्लॉक हो गया था।

SATCO IAF के अनुसार विमान वहीं फंस गया था। विमान की स्थिति और उसमें हुई क्षति को देखते हुए, रनवे को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए सुबह 5.30 बजे तक के लिए एक NOTAM जारी किया गया था। बाद में यह समय बढ़ाकर सुबह 9 बजे तक कर दिया गया।

हालांकि यह कौन सा फाइटर जेट था, इसके बारे में अथॉरिटीज ने कोई जानकारी नहीं दी है। न ही इसके विजुअल मिल सके।

क्या होती है हार्ड लैंडिंग, इसके जोखिम जानिए

आम तौर पर रनवे पर लैंड करते समय प्लेन धीरे-धीरे और स्मूदली उतरता है। लेकिन अगर वह जोर से रनवे पर टकरा जाए या तेजी से नीचे आए तो उसे हार्ड लैंडिंग कहते हैं। हार्ड लैंडिंग की कई वजह हो सकती हैं, इनमें खराब मौसम (तेज हवा, तूफान), पायलट के कैल्कुलेशन में गड़बड़ी या फिर अचानक हवा का दबाव बदलना शामिल है।

हार्ड लैंडिंग के दौरान कभी-कभी सिर्फ झटका ही लगता है, लेकिन इन्टेन्सिटी ज्यादा होने से विमान को नुकसान हो सकता है। उसमें बैठे पैसेंजर और क्रू को चोटें लग सकती हैं।

1. हार्ड लैंडिंग से क्या होता?

  • हार्ड लैंडिंग में विमान का वजन और झटका रनवे पर ज्यादा दबाव डालता है, जिससे रनवे की ऊपरी परत में दरारें आ सकती हैं।
  • कुछ मामलों में रनवे पर छोटे गड्ढे बन जाते हैं।
  • 2. रबर के निशान ज्यादा बनना

    • टायर अचानक रनवे से घिसते हैं। इससे गहरे रबर के निशान बन जाते हैं। इससे रनवे की पकड़ कम हो सकती है।
    • रनवे की अंदरूनी संरचना पर असर पड़ता है। उसकी लाइफ कम हो जाती है। ऐसे में यह दूसरे विमानों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

    3. हार्ड लैंडिंग का असर तुरंत नहीं दिखता

    एयरपोर्ट रनवे बहुत मजबूत बनाए जाते हैं, लेकिन लगातार ऐसी लैंडिंग से धीरे-धीरे नुकसान बढ़ता जाता है।

  • दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमान आपस में टकरा गए। घटना 16 अप्रैल दोपहर 2 बजे हुई। जानकारी के मुताबिक अकासा का विमान हैदराबाद जाने के लिए तैयार खड़ा था। उसी समय लेह से आया स्पाइसजेट का विमान उससे टकरा गया। हादसे में स्पाइसजेट के दाहिने पंख का हिस्सा अकासा के बाएं तरफ के पिछले पंख में जा घुसा।
    पुणे में एयरफोर्स के विमान की हार्ड लैंडिंग:करीब 11 घंटे बंद रहा रनवे, 91 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं; सुबह नॉर्मल हो सका ऑपरेशन
    पुणे में एयरफोर्स के विमान की हार्ड लैंडिंग:करीब 11 घंटे बंद रहा रनवे, 91 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं; सुबह नॉर्मल हो सका ऑपरेशन

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