मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई. बैठक में कुल 27 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. सम्राट कैबिनेट की बैठक में बिहार भूमि सर्वे और बंदोबस्त प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. कैबिनेट ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य को अधिक पारदर्शी, शुद्ध और गतिशील बनाने के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है.
सरकार के अनुसार बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधित) अधिनियम 2011 के तहत राज्य में रैयती और अन्य प्रकार की जमीनों का नया अधिकार अभिलेख (खतियान) और भू-मानचित्र (नक्शा) तैयार किया जा रहा है. इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहले से बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली 2012 लागू थी, लेकिन अब उसमें कई संशोधन और नए प्रावधान जोड़े गए हैं. नई नीति के तहत सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली जमीन के मूल्य निर्धारण के लिए नए प्रावधान किए गए हैं. शहरी क्षेत्र में जमीन का मुआवजा बाजार मूल्य या सर्किल रेट, जो भी अधिक होगा, उसकी दोगुनी राशि के बराबर दिया जाएगा.वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार मूल्य या सर्किल रेट, जो अधिक होगा, उसकी चार गुना राशि जमीन मालिक को मिलेगी. इसके अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी. खास बात यह है कि सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली जमीन स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क से पूरी तरह मुक्त होगी. सरकार के इन निर्णयों का असर आम लोगों से लेकर जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों तक पर पड़ेगा. कैबिनेट बैठक में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के उपयोग के लिए 10 नए वाहन खरीदने की स्वीकृति भी
