मादक पदार्थों के अवैध व्यापार, भंडारण, परिवहन व सेवन के खिलाफ नियमित छापेमारी के निर्देश, रक्सौल-ढाका सीमा पर विशेष निगरानी रहेगी
मोतिहारी | चाणक्य न्यूज़ इंडिया
मोतिहारी -पूर्वी चंपारण में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त रणनीति तैयार की है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव एवं पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) नार्को-कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें मादक पदार्थों के अवैध व्यापार, भंडारण, परिवहन और सेवन के विरुद्ध नियमित एवं समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े रक्सौल एवं ढाका अनुमंडलों में स्थानीय पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के संयुक्त छापेमारी अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया।
एक माह में गांजा, स्मैक और चरस की बड़ी बरामदगी
बैठक में 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, रक्सौल के कमांडेंट ने जानकारी दी कि पिछले एक माह के दौरान स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में गांजा, स्मैक एवं चरस की बरामदगी की गई है। इस दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई जारी है। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और अंतर-जिला समन्वय को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
वहीं 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, पिपरा कोठी के कमांडेंट ने बताया कि पुलिस के सहयोग से नारकोटिक्स से जुड़े छह मामले दर्ज किए गए हैं तथा सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा संदिग्ध दवा दुकानों पर भी छापेमारी अभियान चलाया गया।
उर्वरक की कालाबाजारी पर भी प्रशासन सख्त
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि उर्वरक के अवैध व्यापार के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक जिले में 439 छापेमारी की गई, जिनमें 20 मामलों में अनियमितता पाई गई। इनमें 8 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पिछले एक माह के दौरान 5 उर्वरक दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द तथा 5 दुकानों की अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है। साथ ही 8 उर्वरक विक्रेताओं से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में खाद दुकानों का नियमित स्टॉक सत्यापन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्र में नए उर्वरक लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं तथा बार-बार गड़बड़ी करने वाले चार-पांच कारोबारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध पुलिस के सहयोग से कठोर कार्रवाई करते हुए जेल भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
युवाओं को बचाने के लिए संयुक्त अभियान जरूरी : एसपी
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि मादक पदार्थों का बढ़ता प्रचलन युवाओं के स्वास्थ्य, परिवार और समाज के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय थाना को दें तथा आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के विरुद्ध जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा, जिला परिवहन पदाधिकारी निवेदिता कुमारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार, 20वीं, 47वीं एवं 71वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, औषधि नियंत्रक, जिला कृषि पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, अधीक्षक मद्य निषेध, डीपीओ आईसीडीएस, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, मोतिहारी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
